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    रोटरैक्ट क्लब ऑफ रेज़िलिएंस की तरफ से, स्पर्श: स्टोरीज ऑफ द ब्रेव पॉडकास्ट रिलीज़

    Sparsh Stories
    Sparsh Stories: रोटरैक्ट क्लब ऑफ रेज़िलिएंस की तरफ से, स्पर्श: स्टोरीज ऑफ द ब्रेव पॉडकास्ट रिलीज़

    मुंबई (सच कहूँ न्यूज)। Sparsh Stories: नवंबर 2021 में स्थापना के बाद से, रोटेराक्ट क्लब ऑफ रेजिलिएंस समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समर्पित है। क्लब प्रतिनिधि यश अरोड़ा नें सच कहूँ संवाददाता को बताया कि वर्तमान में क्लब के कार्यों की श्रंखला, मासिक धर्म स्वच्छता और पशु कल्याण को बढ़ावा देने से लेकर सरकारी स्कूल के छात्रों को सशक्त बनाने तक फैली हुई हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि क्लब समय-समय पर व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन करता है। हमारी तीन प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं: कुत्तों के कल्याण के लिए “प्रोजेक्ट पॉफेक्ट”, महिलाओं की स्वच्छता के लिए “प्रोजेक्ट जागृति” और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्रों के रूप में “प्रोजेक्ट रुबरू”।

    स्पर्श: स्टोरीज ऑफ द ब्रेव पॉडकास्ट | Sparsh Stories

    “स्पर्श: स्टोरीज ऑफ द ब्रेव” के पहले एपिसोड में श्रोताओं को अलका राय के विशाल व्यक्तित्व से रूबरू होने का मौका मिला, अलका ने बड़े बलिदान के बावजूद देश के लिए अपने प्रेम व साहस को कम नही होने दिया। तथा इसी देश प्रेम व बलिदान को समर्पित सीजन फर्स्ट का फर्स्ट एपिसोड एक ममार्मिक व प्रेरणात्मक वार्तालाप को सामने लाया, जिसमें देश भक्ति व साहस के धागों को एक साथ बुना गया।

    इस पॉडकास्ट के दौरान अलका राय के भावनात्मक शब्दों, श्रोताओं को उनके जीवन में ले गये, जहां उन्होंने अपने पिता से जुड़ी प्यारी यादों को श्रोताओं के साथ साँझा किया, जो अलका की नज़र में एक सच्चे हीरो थे। अलका की आवाज अपने पिता को छोटी उम्र में खोने के दुःख पर साथ ही दशक के दृष्टिकोण से महान बलिदान पर गर्व से पूर्ण थी।

    हालांकि, पिता की कमी में आंसुओं को उन्होंने खुद को मजबूत करने के रूप में लिया। यह एपिसोड उनके परिवार, विशेष रूप से अलका के माँ के विपरीत हालातों में भी अपने बच्चों के लिए धैर्य को न खोने व मजबूत चरित्र को दर्शाता है। कहा जा सकता है अलका की माँ मुश्किल समय में अपने परिवार के लिए मजबूती के स्तंभ के रूप में खड़ी रहीं। उन्होंने जीवन के सबसे कठिन दौर में हालातों से हार न मानते हुए परिवार को जोड़ कर रखने का प्रदर्शन किया।

    लेकिन यह एपिसोड सिर्फ अतीत के बारे में न होकर; बल्कि भविष्य की ओर मार्गदर्शन करने वाला एक प्रकाशस्तंभ साबित होगा। अपने शब्दों के माध्यम से, अलका ने अपने पिता की बहादुरी की विरासत से प्रेरित सपनों और आकांक्षाओं को साझा किया। मशाल के रूप में अपने पिता के उच्च विचारों को आगे बढ़ाने और उन्हें गौरवान्वित करने का उसका दृढ़ संकल्प हर श्रोता के कानों में गूंजता रहा, तथा पूरी उम्मीद है भविष्य में भी श्रोताओं में प्रेरणा और उद्देश्य की ज्वाला जगाता रहेगा।

    इस प्रकार कह सकते हैं “स्पर्श: स्टोरीज ऑफ द ब्रेव” सीजन 1 का एपिसोड 1 सिर्फ एक पॉडकास्ट से कहीं अधिक है; जो हमें हालातों से न हार, मजबूत होने की प्रेरणा देता है। यह एक ऐसी कहानी है जो आत्मा को छू लेती है, हर उस व्यक्ति के दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ती है जो सुनता है – साहस की अमर भावना और हमारे गुमनाम नायकों की अमर विरासत का एक प्रमाण।

    बलिदान व प्रेरणा से भरे इस पॉडकास्ट को सुनने के लिए लिंक पर क्लिक करें।

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