गुरदेव कौर इन्सां का पार्थिव शरीर मेडीकल रिसर्च के लिए दान
शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के सेवादारों की उपस्थिति में मृत देह को फूलों के साथ सजी एंबुलेंस के द्वारा रवाना किया गया
शुद्ध अंत:करण से मिलता है भगवान
आप जी फरमाते हैं कि मालिक की मोहब्बत में चलना वही जानते हैं जो अपना सिर, हथेली पर रख लिया करते हैं। उसके प्यार में चलना कोई आसान काम नहीं है। इसमें सबसे बड़ी रुकावट उसकी खुदी है।
खुदी को मिटाकर ही पाया जा सकता है खुदा: पूज्य गुरु जी
जब इन्सान अपनी हस्ती बना लेता है तो अल्लाह, वाहेगुरु, राम से दूर होता चला जाता है। खुदी को मिटा कर ही खुदा को पाया जा सकता है। इस लिए अपने अंदर की खुदी को छोड़ दो, अहंकार को मिटा डालो तभी मालिक से नाता जुड़ेगा।


























