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    दिल्ली एनसीआर के 14 जिलों में बढ़ेगी सख्ती

    Strictness will increase in 14 districts sachkahoon

    10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल सभी वाहन होंगे जब्त

    • छह लाख वाहन पूरी कर चुके हैं मियाद

    चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन सड़क पर मिलते ही जब्त होंगे। इसको लेकर सरकार ने सख्त रूख अपना लिया है।परिवहन और पुलिस विभाग ने इसको लेकर तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि पुराने वाहनों को एनसीआर के बाहर बेचने या हस्तांतरित करने के लिए तीन महीने की छूट दी गई है।

    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हरियाणा के 14 जिले पड़ते हैं, जिनमें सोनीपत, पानीपत, करनाल, जींद, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, पलवल, फरीदाबाद, भिवानी, चरखी दादरी, मेवात, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी शामिल हैं। इन जिलों में करीब छह लाख वाहन निर्धारित समय-सीमा पूरी कर चुके हैं। प्रदूषण को कम करने के लिए कंडम वाहनों पर अंकुश लगाने का आदेश दे चुके सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनसीआर) ने नई वाहन स्क्रैप पालिसी घोषित होने के बाद आदेश को सख्ती से लागू करने को कहा है।

    वहीं, परिवहन आयुक्त द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों का एनसीआर से पंजीकृत रद कर दिया गया है। इसे वि-पंजीकरण कहते हैं। पुराने वाहनों के मालिक चाहें तो तीन मार्च से पहले इन्हें एनसीआर के बाहर ट्रांसफर करवा सकते हैं। एनसीआर में पुराने वाहनों को किसी भी सूरत में चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सड़कों पर ऐसे वाहन दिखते ही इन्हें जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इन वाहनों में सबसे ज्यादा संख्या दोपहिया वाहनों की है।

    आठ जिलों में चल सकते पुराने वाहन

    प्रदेश में आठ जिले पंचकूला, यमुननागर, कुरुक्षेत्र, हिसार, सरसा, अंबाला, फतेहाबाद और कैथल ऐसे हैं, जो एनसीआर से बाहर हैं। इन पर सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेश लागू नहीं होते। दरअसल एनसीआर में स्माग और वायु प्रदूषण की वजह से सरकार पहले ही डीजल और कोयला आधारित उद्योगों पर अंकुश लगा चुकी है। चूंकि डीजल और पेट्रोल के पुराने वाहन प्रदूषण को और बढ़ा रहे हैं, इसलिए इन पर भी सख्ती बरतने को कहा गया है।

    एनसीआर के जिलों में थाना व चौकी प्रभारियों के लिए 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को जब्त करने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। विभिन्न स्थानों पर नाके लगाकर पुलिस वाहनों को रोककर देख रही है कि वे कितने पुराने हैं। जब्त किए वाहनों का क्या करना है, यह अभी स्पष्ट नहीं है, पर जिस मालिक के यह वाहन होंगे, उन्हें छुड़ाना बेहद मुश्किल होगा।

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