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    अबोहर : मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन में शामिल

    Protest

    हड़ताल से बैंक उपभोक्ताओं को करना पड़ रहा है भारी परेशानियों का सामना | Protest

    अबोहर(सचकहूँ-सुधीर अरोड़ा)। आईबीए के साथ विभिन्न मांगों पर समझौता न होने पर बैंक संगठनों ने दो दिवसीय (Protest) देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया, जिसके तहत शनिवार को हड़ताल के दूसरे दिन भी सभी सरकारी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे, वहीं दो फरवरी को रविवार होने के चलते बैंकों में लगातार तीन दिनों तक अवकाश रहने से बैंक उपभोक्ताआें को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विभिन्न बैंक कार्यालय पर बैंक कर्मी अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन करते दिखे। शहर के प्रमुख बैंक के बंद के दौरान बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने वित्त मंत्री के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए और हड़ताल से लेनदेन पूरी तरह बंद है इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र से नकÞदी लेने बैंक आए खाताधारकों को मायूस होना पड़ा।

    बैंक कर्मियों को 20 प्रतिशत से कम वेतनवृद्धि समझौता स्वीकार नहीं

    गौरतलब है कि एसबीआई मुख्यालय परिसर स्थित यूनियन कार्यालय में यूनाइटेड फोर्म आॅफ बैंक यूनियन के बैनर की ओर से गत दिवस दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया था। नेशनल कंफेडरेशन आॅफ बैंक इंप्लाइज एनसीबीई के प्रदेश महामंत्री एवं राष्टÑीय संयुक्त सचिव केके सिंह ने कहा था कि नवंबर 2017 के बाद से करीब दस लाख से अधिक बैंक कर्मी अपनी देय वेतनवृद्धि के लिए प्रयासरत हैं, मगर सरकार और भारतीय बैंक संघ ने इस पर कोई सार्थक कदम नहीं उठाए।

    • पिछला वेतनवृद्धि समझौता 15 प्रतिशत वृद्धि का हुआ था।
    • मगर इस बार महज दो प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव से शुरुआत की गई।
    • उन्होंने कहा बैंक कर्मियों को 20 प्रतिशत से कम वेतनवृद्धि समझौता स्वीकार नहीं है।
    • पांच दिवसीय बैंकिंग, नवीन पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू किए जाने सहित 12 सूत्रीय मांगों को लंबे समय से अनदेखा किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा सरकार या आइबीए ने संगठन की मांगों को गंभीरता से न लिया तो बैंक कर्मी हर स्तर के संघर्ष के लिए तैयार हैं। एआइबीओसी के राष्टÑीय उपाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा नई भर्तियों न होने से बैंककर्मियों पर बोझ बढ़ता जा रहा है। इस ओर सरकार ध्यान नहीं दे रही।

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