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    दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे पहले आजाद हुआ था फिलीपींस

    The Philippines was first liberated after the second world war
    फिलीपींस दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित एक देश है। यह देश लगभग 7641 छोटे-बड़े द्वीपों से मिलकर बना हुआ है। लगभग 10 करोड़ 42 लाख की आबादी के साथ फिलीपींस दुनिया का 12वां सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है। 16वीं सदी में स्पेन ने फिलीपींस पर कब्जा करके अपने राजा फिलिप दूसरे के नाम पर इस देश को यह नाम दिया। स्पैनिश लोग ईसाई धर्म की रोमन कैथोलिक शाखा को मानते थे और उन्होंने फिलीपींस में इस शाखा का जोर-शोर से प्रचार किया जिसकी वजह से आज फिलीपींस की 92% आबादी ईसाई धर्म को मानती है। 1893 ईसवी में फिलीपींस के लोगों ने स्पैनिश सरकार द्वारा उनके साथ किए जा रहे अन्याय के विरूद्ध विद्रोह कर दिया। 1898 में यह विद्रोह सफल हो गया और विद्रोही स्पैनिश सरकार को बाहर करने में सफल हो गए। विद्रोह सफल होने के बाद भी फिलीपींस के लोगों को फिलीपींस पर पूरा अधिकार नहीं मिल पाया था, क्योंकि 1898 में ही अमेरिका और स्पेन का युद्ध शुरू हो गया था। जिसमें स्पेन ने फिलीपींस को 2 करोड़ डॉलर में अमेरिका के हवाले कर दिया। इस कारण अमेरिका फिलीपींस पर अपना दावा जताता रहा।
    फिलीपींस पर अधिकार को लेकर फिलीपींस के लोगों और अमेरिका के बीच युद्ध भी हुआ पर अमेरिका द्वारा भविष्य में फिलीपींस को आजादी देने के वादे के बाद हालात ठीक हो गए। दूसरे विश्व युद्ध के बाद 4 जुलाई 1946 को अमेरिका ने फिलीपींस को पूरी तरह से आजाद कर दिया और फिलीपींस दूसरे विश्व युद्ध के बाद आजादी हासिल करने वाला सबसे पहला देश बना। फिलीपींस का ज्यादातर हिस्सा ज्वालामुखियों से बना है जिसकी वजह से यहां पर बहुत ज्यादा खनिज भंडार पाए जाते हैं। फिलीपींस का समय ग्रीन ग्रीनविच मीन टाईम से 8 घंटे आगे है। यानि के भारत के समय से साढ़े 3 घंटे आगे। फिलीपींस नारियल और पपीते का सबसे बड़ा निर्यातक है। फिलीपींस के झंडे में ऊपर नीला रंग है और नीचे लाल। देश में यह कानून है कि यदि युद्ध की स्थिति आ पड़े तो ऊपर लाल रंग को कर दिया जाएगा और नीचे नीले को। फिलीपींस के सभी द्वीप समुंद्रों से घिरे है जिसकी वजह से देश की सीमा किसी भी और देश से नहीं लगती है। फिलीपींस में कई ऐसे सबूत मिल चुके हैं जिनसे पता लगता है कि यहां की सारी आबादी कभी हिंदु और बौद्ध धर्म को मानती थी।

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