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Saturday, February 7, 2026
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    Electricity blackout: हरियाणा-पंजाब समेत देश के इन राज्यों में इस तारीख को होगा ब्लैकआउट

    Electricity blackout
    Electricity blackout: हरियाणा-पंजाब समेत देश के इन राज्यों में इस तारीख को होगा ब्लैकआउट

    Blackout in Haryana: चंडीगढ़। पाकिस्तान की सीमा से लगे भारतीय राज्यों में एक बार फिर से सायरन की आवाज़ें सुनाई देंगी और कुछ समय के लिए अंधेरा छा जाएगा। इसके पीछे कारण है केंद्र सरकार की एक नई योजना, जिसके तहत सीमावर्ती जिलों में संभावित आपात स्थिति से निपटने की तैयारी का अभ्यास किया जाएगा। इस योजना के तहत हर महीने मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, जिसमें स्थानीय लोगों को युद्ध जैसी परिस्थिति में सुरक्षित रहने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। Electricity blackout

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    31 मई को पहला बड़ा अभ्यास, विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी | Electricity blackout

    सूत्रों की मानें तो इस महीने 31 मई को जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और चंडीगढ़ के सीमावर्ती जिलों में एक साथ यह अभ्यास होगा। इसे ‘ऑपरेशन शील्ड’ नाम दिया गया है। इस दौरान इलाके में ब्लैकआउट किया जाएगा और चेतावनी सायरन बजेंगे ताकि लोग सतर्क रहें और सही तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें।

    इस मॉक ड्रिल में स्थानीय पुलिस, सिविल डिफेंस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), स्वास्थ्य विभाग सहित कई आपातकालीन सेवाएं हिस्सा लेंगी। इसका मुख्य उद्देश्य संभावित संकट या हमले के समय नागरिकों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।

    मॉक ड्रिल के दौरान क्या सिखाया जाएगा?

    इस अभ्यास में लोगों को बताया जाएगा कि अगर कभी हवाई हमला, मिसाइल हमला या ड्रोन से खतरा आए तो वे कैसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचें। इसके साथ ही ब्लैकआउट के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और सरकारी निर्देशों का पालन कैसे करना चाहिए, इस पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    पिछली घटनाओं को देखते हुए लिया गया कदम | Electricity blackout

    हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव बढ़ा है। इसी को देखते हुए 7 मई को पूरे देश में एक बड़ा अभ्यास किया गया था। अब सरकार ने फैसला किया है कि इस तरह के अभ्यास नियमित रूप से सीमावर्ती इलाकों में किए जाएं ताकि लोग हर परिस्थिति के लिए तैयार रहें।

    मॉक ड्रिल की आवश्यकता क्यों?

    सीमा से लगे इलाकों में रहने वाले लोग अक्सर सबसे पहले संकट का सामना करते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि वे न केवल मानसिक रूप से तैयार रहें, बल्कि व्यवहारिक तौर पर भी जानें कि संकट के समय क्या करना है। इस अभ्यास से उनकी सुरक्षा बढ़ेगी और आपातकालीन स्थिति में उन्हें बेहतर प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी।

    ध्यान देने वाली बात

    31 मई को सीमावर्ती जिलों में कुछ घंटों के लिए सायरन बजेंगे और बिजली गुल रहेगी। इसे किसी भी तरह की असामान्यता के रूप में न लें क्योंकि यह पूरी तरह से एक पूर्व निर्धारित अभ्यास है। अपने इलाके में मॉक ड्रिल की जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं पर ध्यान दें।