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    अजब-गजब! शख्स ने बिना टहनी काटे आम के पेड़ पर 4 मंजिला घर बना दिया

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    उदयपुर (एजेंसी)। आज हम आपको एक ऐसी खबर से अवगत करा रहे हैं जिससे आप भी अचंभित हो जाएंगे कि ऐसा भी हो सकता है। राजस्थान के उदयपुर को झीलों का शहर कहा जाता है लेकिन इस शहर में लगभग 20 साल से 4 मंजिला घर आम के पेड़ पर टिका है। (Wonderful! House) अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है? जी हां हो सकता है। घर के मालिक इंजीनियर केपी सिंह ने आज तक इसकी एक टहनी भी नहीं काटी है। यह घर, आम के पेड़ पर बना हुआ है और इस घर को बनाने वाले शख्स का नाम है कुल प्रदीप सिंह (केपी सिंह)। अजमेर में पले-बढेÞ केपी सिंह पिछले कई बरसों से उदयपुर में ही रह रहे हैं।

    इंजीनियर केपी सिंह ने अपना यह ड्रीम हाउस 87 साल पुराने आम के एक पेड़ पर बनाया है

    साल 2000 में उन्होंने यह ‘ट्रीहाउस’ बनाया था और इसे बनाने के पीछे उनका मकसद था कि पेड़ कटने से बचाया जाए और लोगों के सामने एक मॉडल पेश किया जाए। इंजीनियर केपी सिंह ने अपना यह ड्रीम हाउस 87 साल पुराने आम के एक पेड़ पर बनाया है। इस अनोखे घर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। दरअसल, आसपास के लोगों के बीच पेड़ पर बना यह चार मंजिला घर कौतुहल का विषय बना हुआ है।

    किचन, बेडरूम सबकुछ टहनियों के हिसाब से डिजाइन

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    केपी सिंह ने साल 2000 में इस घर का निर्माण किया तो इसकी टहनियों को काटने की जगह इस्तेमाल कर लिया। एक टहनी को सोफा बना दिया तो किसी टहनी को टीवी स्टैंड। घर का किचन, बेडरूम, बाथरूम सबकुछ टहनियों के हिसाब से डिजाइन है। सिंह का मकान चार मंजिला हैं। जिसे बनाने के बाद से केपी सिंह ने अब तक इसकी एक टहनी भी नहीं काटी। इस घर की खासियत यह है कि पेड़ पर बना होने के बावजूद इस घर में सभी साधन-सुविधाएं हैं। वही आम के पेड़ पर बने इस घर की खासियत यह भी है कि इसमें रहने पर प्रकृति के करीब होने का एहसास बना रहता है। इस ट्री-हाउस की यही खासियत यहां से गुजरने वाले लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेती है।

    जब तेज हवा चलती है, तो पूरा घर झूलने लगता है

    चार मंजिला यह मकान पर्यावरण संरक्षण की भी अनूठी मिसाल पेश करता रहा है। इस घर की खासियत यह भी है कि इस पेड़ के विकास में बाधा न पड़े इसलिए घर के बीच में कई जगह बड़े होल छोड़े गए हैं। यानी इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि प्रकृति और पेड़ को कोई नुकसान न पहुंचे। यही वजह है कि पेड़ को सूरज की भरपूर रौशनी मिलती है और यह लगातार हरा भरा बना हुआ है। वहीं जब तेज हवा चलती है, तो पूरा घर झूलने लगता है। केपी सिंह के मुताबिक, पेड़ पर घर होने की वजह से कई बार पशु-पक्षी भी घर में चले आते हैं। लेकिन, उन्हें इसकी आदत हो गई है।

    लिम्का बुक आॅफ रिकॉर्ड्स में दर्ज

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    केपी सिंह के सपनों का महल अब पूरे देश में प्रसिद्ध हो चुका है। ये लिम्का बुक आॅफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है और अब जल्द ही गिनिज बुक आॅफ रिकॉर्ड में भी इसे शामिल किया जा सकता है।

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