विश्व रक्तदाता दिवस विशेष: खून बिन जाने न देंगे जिंदगी…

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 पता चलते ही खुद पीड़ित के पास रक्तदान करने पहुंचते हैं डेरा सच्चा सौदा के रक्तदाता

  •  14 जून को मनाया जाता है विश्व रक्तदान दिवस
  •  चलते-फिरते ट्रयू ब्लड पंप हैं डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी

चंडीगढ़ (एम के शायना)। हर साल विश्व रक्तदान दिवस 14 जून को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद लोगों को रक्तदान के बारे में बताना और उसके फायदों से अवगत कराना है। रक्त, जिसके बिना मनुष्य जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। कोरोना काल में रक्त की बहुत कमी हुई और समय पर रक्त न मिलने से बहुत से लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ भी धोना पड़ा। वहीं डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा चलाए गए रक्तदान अभियान से लोगों में रक्तदान करने के प्रति काफी जागरूकता आई है।

जहां कहीं भी रक्त की जरुरत पड़ी, वहीं रक्त के अभाव में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने बिना रक्त किसी को भी मरने नहीं दिया। रक्तदान के क्षेत्र में डेरा सच्चा सौदा ने इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और गिनीज बुक आफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करवाए हैं। डेरा सच्चा सौदा को रक्तदान के क्षेत्र में ट्रू ब्लॅड पंप के नाम से जाना जाता है। ये वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ऐसे मील का पत्थर साबित हुए जिन्हें आज तोड़ना किसी के बस की बात नहीं। वही पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए आज विश्व रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में चंडीगढ़ में अलग-अलग जगहों पर डेरा अनुयायियों द्वारा रक्तदान किया गया। सच कहूँ संवाददाता ने डेरा सच्चा सौदा के ट्रू ब्लड पंप के नाम से जाने वाले उन रक्तदानियों से भी बात की जो रक्तदान करने से घबराते नहीं बल्कि रक्तदान को पुण्य कार्य समझते हैं:-

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मैं 12 बार रक्तदान कर चुका हूँ। पूज्य गुरु जी की प्रेरणा से ही मैंने रक्तदान शुरू किया है वरना आज इस कलियुगी जमाने में रक्तदान करना तो दूर की बात कोई अपना सिर का बाल तक देने को तैयार नहीं होता। समय-समय पर डेरा अनुयाई रक्तदान करते रहते हैं। रक्तदान करने से शरीर में कोई कमी नहीं आती बल्कि पहले से और स्फूर्ति बढ़ती है, जिससे शरीर में ताजगी बनी रहती है।
– जसवीर इन्सां, खुड्डा लोहारा, चंडीगढ।

Donerमैंने अब तक 9 बार रक्तदान किया है। यह हमारी किस्मत है कि हम पूज्य गुरु जी की रहमत से रक्तदान करते हैं और हमारा खून किसी की जान बचाने के काम आता है। मैं इस बात को बिलकुल भी नहीं मानता की रक्तदान करने से शरीर में किसी प्रकार की कोई कमी आती है। रक्तदान करने से पहले से और स्वच्छ खून का शरीर में निर्माण होता है। रक्तदान से बेहतर और समाजसेवा नहीं हो सकती। प्रत्येक व्यक्ति को साल में दो या तीन बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
– साहिल इन्सां, खुड्डा अली शेर, चंडीगढ।

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मैंने पहले कभी रक्तदान करने के बारे में नहीं सोचा था, लेकिन पूज्य गुरु जी की रहमत से ऐसा संभव हो पाया है। पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणा से मैं दूसरी बार रक्तदान कर चुका हूँ। रक्तदान करने से मुझे किसी प्रकार की कोई घबराहट नहीं हुई। बल्कि रक्तदान करके मुझे बहुत खुशी होती है और गर्व होता है की मेरा रक्त किसी के तो काम आया।
– विशाल इन्सां, सेक्टर 25, चंडीगढ।

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रक्तदान एक सामाजिक कार्य है और बीमारियों के बढ़ने से रक्त की कमी होती जा रही है, लेकिन हम पूज्य गुरु जी की रहमत से रक्त की कमी नहीं होने देंगे और जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान करते रहेंगे। पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणा से आज मैंने 25वीं बार खूनदान किया है।
– जगतार सिंह, मोहाली

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मुझे आज 5वीं बार रक्तदान का अवसर मिला है। रक्तदान एक सामाजिक कार्य है। मुझे रक्तदान करके बहुत खुश होती है। मैं तो यही कहूंगा कि रक्तदान का अवसर नहीं चूकना चाहिए। रक्तदान करने वाले को बहुत सी दुआएं मिलती, जो उसकी जिंदगी में खुशी का कारण बनती है।
– राहुल इन्सां, जीरकपुर।
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मैं आज 5वीं बार रक्तदान कर चुका हूँ और रक्तदान करके उन्हें बहुत खुशी महसूस होती है। समाज भलाई के इस कार्य में प्रत्येक व्यक्ति को आहुति अवश्य डालनी चाहिए।
– करन धीमान, ब्लॉक बटलाना

मैंने आज 37वीं बार रक्तदान किया है और रक्तदान करके मुझे आत्म संतुष्टि मिलती है। रक्तदान करके दूसरों की जिंदगी बचाने से बेहतर कार्य कोई और नहीं हो सकता।
– नितिन इन्सां, सेक्टर 37, चंडीगढ़।

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अभी तक मैं दो बार रक्तदान कर चुका हूँ। रक्तदान करने से शरीर में रक्त की कमीं नहीं होती बल्कि पहले से स्वच्छ रक्त शरीर में बनता है। मैं तो यही कहूंगा कि साल में व्यक्ति को दो या तीन बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
– विशाल मेहता इन्सां, सेक्टर 45, चंडीगढ़

चलते-फिरते ट्रयू ब्लड पंप हैं डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी

डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं का अनुसरण कर किसी भी अनजान शख्स की जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान करने हेतू पीड़ित के पास खुद चलकर पहुंच जाते हैं। इसलिए डेरा सच्चा सौदा के रक्तदाताओं को पूज्य गुरु जी ने चलते-फिरते ट्रयू ब्लड पंप की उपाधि दी है। इसके अलावा शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल स्थित पूज्य बापू मग्घर सिंह जी इंटरनेशनल ब्लड बैंक सरसा के आसपास के क्षेत्र के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब, राजस्थान के लोगों के जीवनदायनी बना हुआ है। पूज्य बापू मग्घर सिंह जी इंटरनेशनल ब्लड बैंक की यह विशेषता है कि यह ब्लड बैंक रक्त के बदले रक्त की मांग नहीं करता बल्कि मामूली टेस्टिंग फीस पर लोगों को रक्त मुहैया कराता है।

चंडीगढ़ में भी खूनदान का सिलसिला सालों से जारी

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वहीं चंडीगढ़ से रक्तदान समिति के जिम्मेवार राजेश इन्सां ने बताया कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए स्थानीय साध-संगत, खासतौर पर युवा सेवादार लगातार जरूरतमंद मरीजों के लिए पीजीआई, अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में रक्तदान कर रहे हैं। किसी भी समय किसी भी व्यक्ति को यदि रक्त की जरूरत होती है तो डेरा श्रद्धालु बिना किसी भेदभाव के तुरंत रक्तदान के लिए पहुंच जाते हैं। चंडीगढ़ में भी यह सिलसिला सालों से जारी है, जहां एमएसजी ट्रयू ब्लड पंपों ने रक्तदान करके अनेक लोगों की जान बचाई है।

व्हाटसप के जरिये जुड़े हैं सभी रक्तदानी

राजेश इन्सां ने कहा कि सभी रक्तदानी सेवादार उनके साथ व्हाटसप से जुड़े हुए हैं। जब भी उनके पास किसी रक्तदान की रिक्वॉयरमेंट का कॉल आता है तो वे तुरंत उसे अपने सेवादारों के गु्रप में शेयर कर रक्तदान का इंतजाम करवाते हैं। राजेश इन्सां बताते हैं कि पूज्य गुरू जी प्रेरणा अनुसार किसी की जान बचाना सबसे बड़ा धर्म है और सेवादार अपनी ओर से पूरी कोशिश कर किसी भी मरीज को रक्त की कमी नहीं आने देते।

धन्य है ऐसे गुरु जो मानवता की सेवा का पाठ पढ़ाते है: अमरजीत सिंह

Donerवहीं मोहाली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कैंसर की मरीज के लिए ब्लॅड लेने आये जम्मू निवासी अमरजीत सिंह ने कहा कि मेरी पत्नी कैंसर से पीड़ित है, उसके लिए उन्हें ब्लॅड की सख्त जरूरत थी, जो कहीं से भी नहीं मिल पा रहा था, लेकिन जब उन्होंने डेरा अनुयायी से सपंर्क किया तो उन्होंने तुरंत मेरी पत्नी के लिए खूनदान किया। मैं इनका बहुत ही शुक्रगुजार हूं, आज डेरा अनुयायी को वजह से मेरी पत्नी को जीवनदान मिला हैं। अमरजीत सिंह ने पूज्य गुरु जी का धन्यवाद करते हुए कहा की धन्य है ऐसे गुरु जो मानवता की सेवा का पाठ पढ़ाते है और पढ़ा रहें है। पूज्य गुरु जी कोटि-कोटि साधूवाद।

नियमित रक्तदान करने से दिल से जुड़ी बीमारियों का

खतरा काफी हद तक कम होता है: डॉ. सिमरनजीत कौर

आज 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, मैं सभी रक्तदाताओं को शुभकामनाएं देती हूं जो भी आज रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में रक्तदान कर रहे हैं और मैं विशेष तौर पर डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु जी व उनके अनुयाइयों का धन्यवाद करती हूं कि वे किसी भी अनजान शख्स की जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान करने हेतू खुद अपनी जेब से खर्चा कर पीड़ित के पास पहुंच जाते हैं। नियमित रक्तदान करना हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है, हमारे शरीर में आयरन होता है जो कि एक तरह का मिनरल होता है जो हमारे हार्ट में जमा होता है। जो जब ब्लॅड में आयरन की मात्रा ज्यादा होने लगती है तो इससे हार्ट पर प्रेशर बनता है जो हार्ट के लिए बहुत ही नुक्सानदायक होता है। इसकी वजह से हार्ट अटैक का भी खतरा रहता है। लेकिन अगर आप नियमित रूप से रक्तदान करते रहते हैं तो ब्लड में आवश्यकता से ज्यादा आयरन इकट्ठा नहीं होता जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

– डॉ. सिमरनजीत कौर, पीजीआई, चंडीगढ़

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