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    कोरोना रोधी वैक्सीन लगवाने के बाद सदिग्ध परिस्थितियों मेंं युवक की मौत

    Youth dies under suspicious circumstances sachkahoon

    परिजनों ने डाक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप, एफआईआर दर्ज की मांग

    • एक घंटे तक दिल्ली-पटियाला नैशनल हाईवे किया जाम

    सच कहूँ/बिन्टू श्योराण, नरवाना। क्षेत्र में कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद एक 24 वर्र्षीय युवक की सदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक ने सोमवार सुबह नागरिक अस्पताल नरवाना में कोरोना रोधी वैक्सीन की पहली डोज ली थी, लेकिन सोमवार की रात ही युवक दुनियां को अलविदा कर गया। युवक की मौत के बाद गुस्साएं परिजनों ने डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया और डाक्टरों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पूरे दिन परिजनों द्वारा डाक्टरों पर एफआईआर की मांग रखी गई। मांग न माने जाने पर और प्रशासन के जबाव से असंतुष्ट परिजनों ने देर शाम दिल्ली-पटियाला नैशनल हाईवे जाम कर दिया।

    जाम लगभग एक घंटे तक लगा रहा और राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारे लग गई। स्थिति बिगड़ते देख एएसपी कुलदीप सिंह और एसडीएम सुरेन्द्र सिंह मौके पर पहुंचे और परिवार के लोगों को समझाने की कोशिश की। एएसपी कुलदीप सिंह द्वारा निष्पक्ष जांच व उसके बाद तथ्यों के आधार पर कार्यवाही करने के आश्वासन पर परिजनों ने जाम खोल दिया और पोस्टमार्टम करने पर राजी हो गए, लेकिन देर रात होने के कारण पोस्टमार्टम कार्रवाई और दाह संस्कार की कार्यवाही नहीं हो पाई। जिसके कारण आगामी कार्यवाही बुधवार को होने की बात हुई। खबर लिखे जाने तक जाम खुल चुका था लेकिन पोस्टमार्टम कार्रवाई नहीं हुई थी।

    गौरतलब है कि आजाद नगर वासी मोहित गोयल पुत्र नरेश गोयल ने सोमवार को नागरिक अस्पताल नरवाना में कोरोना वैक्सीन कोविशिल्ड की पहली डोज ली थी। परिजनों के अनुसार मोहित वैक्सीन लगवाकर घर वापिस आ गया था और देर शाम उसको सांस देने में दिक्कत हुई। परिजनों ने बताया कि वैक्सीन लगवाने के बाद अक्सर बुखार होने का डर रहता है, जिसके कारण समस्या को इग्नोर कर दिया। रात को मोहित ने खाना खाया तो उसको उल्टी-दस्त लगने शुरू हो गए। जिस पर परिजन मोहित को नागरिक अस्पताल नरवाना में लेकर आए, जहां डाक्टरों ने इंजेक्शन लगा दिया।

    पिता नरेश ने बताया कि हस्पताल में सुविधा नहीं होने के कारण डाक्टरों ने लापरवाही बरती। जिसके कारण वह अपने बेटे को हिसार के निजी हस्पताल में ले गया, लेकिन जब हस्पताल पहुंचा तो डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता नरेश कुमार ने कहा कि वैक्सीन के कारण व डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनके बेटे की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाने का अभियान तेजी से चला रही है, लेकिन उसके दुष्प्रभाव पर कोई ध्यान नहीं दे रही। डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाते हुए कहा की वैक्सीन लगने के बाद ही उन्होंने अपना बेटा खो दिया।

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