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    औद्योगिक नीतियों को सुदृढ़ बनाने के लिए 15 नई समितियों का गठन

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    Chandigarh News: औद्योगिक नीतियों को सुदृढ़ बनाने के लिए 15 नई समितियों का गठन

    विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त करने के लिए 24 समितियां गठित

    • हर समिति 1 अक्टूबर 2025 तक राज्य सरकार को नीति सुझाव सौंपेगी

    चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Chandigarh News: पंजाब सरकार ने राज्य की औद्योगिक नीतियों को और सुदृढ़ बनाने एवं व्यापार में सुगमता लाने के उद्देश्य से 15 नई क्षेत्रीय समितियों की अधिसूचना जारी की है। इस घोषणा के साथ ही पंजाब में गठित कुल समितियों की संख्या 24 हो गई है। यह घोषणा राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने मंगलवार को चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से की। मंत्री अरोड़ा ने बताया कि ये समितियां उद्योगों की क्षेत्रवार जरूरतों के अनुसार राज्य को सुझाव देंगी और थिंक टैंक की तरह कार्य करेंगी। Chandigarh News

    मंत्री अरोड़ा ने बताया कि नई गठित समितियों में सूचना प्रौद्योगिकी, साइकिल उद्योग, आॅटोमोबाइल एवं इसके पुर्जे, इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा, स्टील एवं रोलिंग मिलें, प्लास्टिक एवं रासायनिक उत्पाद, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, फिल्म एवं मीडिया, फार्मास्यूटिकल एवं बायोटेक्नोलॉजी, विश्वविद्यालय एवं कोचिंग संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं, स्टार्टअप, खुदरा व्यवसाय और ई.एस.डी.एम. (इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र शामिल हैं।

    विशेषज्ञों की अगुवाई में होगा नीति निर्माण | Chandigarh News

    नई समितियों के अध्यक्षों में शामिल हैं: प्रताप अग्रवाल (आईटी), ओंकार सिंह पाहवा (साइकिल उद्योग), परितोष गर्ग (आॅटो), इंदरवीर सिंह (ईवी), असीष कुमार (नवीकरणीय ऊर्जा), सचित जैन (स्टील), अभि बांसल (रासायनिक उत्पाद), अश्वनी नैयर व दिनेश औलक (लॉजिस्टिक्स), वरिंदर गुप्ता (फार्मा), जसपाल संधू (शिक्षा), बिशव मोहन (स्वास्थ्य), ममता भारद्वाज (स्टार्टअप), उमंग जिंदल (रिटेल), और कमलजीत सिंह (ई.एस.डी.एम)। प्रत्येक समिति में उद्योग के विभिन्न उप-क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।

    मंत्री अरोड़ा ने बताया कि इन समितियों का मुख्य उद्देश्य राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को ध्यान में रखते हुए नीतिगत सुझाव देना है। प्रत्येक समिति भारत के अन्य राज्यों की औद्योगिक नीतियों का अध्ययन कर पंजाब के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ श्रेणी’ का खाका तैयार करेगी। समितियां 1 अक्टूबर 2025 तक अपनी सिफारिशें सरकार को लिखित रूप में सौंपेंगी। Chandigarh News

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