West Bengal SIR Process: कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का दूसरा चरण वर्तमान में जारी है। इस प्रक्रिया के दौरान गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण में लगभग 50 लाख व्यक्तियों के ऐसे नाम सामने आए हैं, जो अब राज्य में निवास नहीं करते। मंगलवार तक यह संख्या लगभग 46 लाख थी, वहीं बुधवार रात तक यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 50 लाख के करीब पहुँच गया, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है। West Bengal News
विशेष रूप से ध्यान देने योग्य बात यह है कि केवल 24 घंटे के भीतर लगभग चार लाख नाम मतदाता सूची से हटाने हेतु चिन्हित किए गए हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, हटाने के योग्य पाए गए लगभग 50 लाख नामों में से 23 लाख से अधिक “मृत मतदाता” श्रेणी में आते हैं। इसी तरह “स्थानांतरित” श्रेणी में 18 लाख से अधिक नाम दर्ज हुए हैं। “लापता” मतदाताओं की संख्या सात लाख से अधिक है, जबकि शेष नाम डुप्लीकेट या अन्य कारणों से चिन्हित किए गए हैं।
अंतिम पुष्टि 16 दिसंबर को ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली जारी होने के बाद स्पष्ट होगी
इन नामों को हटाए जाने की अंतिम पुष्टि 16 दिसंबर को ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली जारी होने के बाद स्पष्ट होगी। इसके बाद सुनवाई और दावों–आपत्तियों के निपटान की प्रक्रिया शुरू होगी, जो 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक चलेगी। इसी चरण में चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा नोटिस भेजे जाएंगे, दावे सुने जाएंगे तथा निर्णय प्रदान किया जाएगा।
निर्वाचक नामावली के सभी मानकों की समीक्षा और अंतिम प्रकाशन के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की स्वीकृति 10 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी, जबकि इसका पूर्व निर्धारित दिनांक 7 फरवरी था। 27 अक्टूबर तक की मतदाता सूची के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 7,66,37,529 है। West Bengal News















