Shah Satnam Ji: पूजनीय शाह मस्ताना जी महाराज ने हरबंस सिंह जी (पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज का बचपन का नाम) के पास संदेश भेजा कि अपना मकान तोड़कर घर का सारा सामान डेरे में लेकर आ जाए। आप जी तो पहली बार ही दर्शन करते ही अपने प्यारे सतगुरु पर तन मन से न्यौछावर हो चुके थे। आप जी को जैसे ही अपने सतगुरु जी का फरमान प्राप्त हुआ, आप जी ने बिना देरी किए, तत्काल ही कुदाल व गंधाला उठाया और ह्यधन धन सतगुरू तेरा ही आसराह्ण का नारा लगाकर अपना मकान अपने हाथों से तोड़ना शुरू कर दिया। MSG BHANDARA Month
इस काम में आप जी के पूजनीय माता जी ने जी भी आप जी का साथ देते हुए कहा कि सार्इं जी के किसी भी हुक्म को नहीं मोड़ना। जैसा भी वह कहें, वैसा ही करना है। पूजनीय माता जी भी आप जी के साथ मकान तोड़ने लग गए। उसी दौरान एक प्रेमी ने आकर आप जी को सतगुरू जी का वचन सुनाते हुए कहा कि एक कमरे व एक बैठक को नहीं तोड़ना है, परिवार कहां बैठेगा और कहां सोएगा?
इधर आप जी अपने सतगुरू प्यारे की कृपा व खुशी प्राप्त करने के लिए उनके आदेश से खुशी-खुशी अपना मकान तोड़ रहे थे, एक बड़ा कमरा तथा एक बैठक को छोड़कर आप जी द्वारा अपना सारा मकान तोड़ कर गिरा दिया गया। पूजनीय सतगुरु जी का यह अनोखा खेल कई दिनों तक चलता रहा। लोग इस घटना को देखकर व सुनकर आश्चर्यचकित रह जाते तथा मन ही मन विचार करते कि आप जी को क्या हो गया है? आप अपना मकान क्यों तोड़ रहे हैं? उन बेचारे गांव वालों को प्यारे सतगुरु जी के रहस्य का क्या पता था? MSG BHANDARA Month
आप जी घर का सामान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर डेरा सच्चा सौदा, सरसा ले आए
इस प्रकार आप जी घर का सामान रेडियो, घड़ी, पानी वाली टंकी, गाड़ी, कपड़ों से भरी पेटियां, संदूक, बिस्तर, मोटरसाईकिल, फर्नीचर तथा जो भी अन्य सामान घर में मौजूद था, उसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर डेरा सच्चा सौदा, सरसा में ले आए। उस समय नई ईटों का भाव 28 रूपये प्रति हजार था परंतु ट्रक वाले गांव श्री जलालआणा साहिब से सरसा तक र्इंटों की ढुलाई का किराया 20 रूपये प्रति हजार मांग रहे थे। इसलिए आप जी ने पूजनीय बेपरवाह जी के चरणों में विनती की, ह्यह्यसार्इं जी! यदि आपका हुक्म हो तो पुरानी ईटें इसी गांव को दे देते हैं और यहां नई र्इंटें मंगवा लेते हैं।”
इस पर पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज ने वचन फरमाया, ह्यह्यनहीं भई! नहीं, तेरे मकान का तो एक-एक कंकर, एक-एक लाख रूपये में भी किसी को नहीं दिया जाएगा। सभी र्इंटें यहां दरबार में उठा लाओ।ह्णह्ण इस तरह अपने प्यारे सतगुरु के आदेश को सर्वोपरि मानते हुए आप जी अपने मकान का सारा मलबा र्इंटें, गार्डर तथा लकड़ी के बड़े-बड़े शहतीर आदि सब कुछ ट्रकों, ट्रॉलियों में भरकर डेरा सच्चा सौदा, सरसा में ले आए। MSG BHANDARA Month















