फिसलन की वजह से फिसल रहे वाहन
Odhan to Nuhianwali Road Problem: ओढ़ां, राजू। गांव ओढ़ां से नुहियांवाली जाने वाली सड़क पिछले काफी समय से वाहन चालकों के लिए आफत का सबब बनी हुई है। वीरवार देर सायं पानी का छिड़काव किया जाने और रात्रि के समय बरसात होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले कई दोपहिया वाहन चालकों को तो हॉस्पिटल जाना पड़ा तो वहीं कईयों को अपने घरों को वापस लौटना पड़ा। इस स्थिति में लोगों ने विभाग को जमकर कोसते हुए कहा कि आखिर लोगों को परेशानी से कब राहत मिलेगी। दरअसल मामला ये है कि गांव ओढ़ां से नुहियांवाली रोड के मध्य सड़क का करीब 12 मरले हिस्सा एक किसान की भूमि में आने और किसान द्वारा कब्जा लिए जाने के बाद विभाग द्वारा साथ लगते खेत में से अस्थाई कच्चा रास्ता बना दिया गया था। Sirsa News
कुछ हिस्से पर तो विभाग ने पत्थर डाल दिया, लेकिन कुछ हिस्सा विवाद के मद्देनजर यूं ही छोड़ दिया गया। इस रास्ते को लेकर ओढ़ां के एक किसान ने कुछ दिन पूर्व आमरण अनशन भी किया था। जिसके 3 दिन बाद बीडीपीओ के आश्वासन के बाद आमरण अनशन समाप्त कर दिया गया। इस दौरान फैसला ये हुआ कि जब तक पक्की सड़क का मसला हल नहीं हो जाता तब तक विभाग द्वारा उक्त रास्ते पर दोमट मिट्टी डालकर हर रोज पानी का छिड़काव किया जाएगा ताकि रेत की वजह से एक तो किसान का साथ लगता बाग खराब न हो और दूसरा वाहन चालकों को परेशानी न आए। लेकिन हुआ इसके उल्ट। वाहन चालकों की परेशानी और बढ़ गई। क्योंकि दोमट मिट्टी पर पानी डाले जाने के चलते फिसलन की वजह से दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने शुरू हो गए।
पानी का छिड़काव और बरसात बनी आफत, विभाग को कोसते दिखे लोग
उक्त कच्चे रास्ते पर वीरवार को टैंकर से पानी का छिड़काव किया गया था। ऊपर से रात के समय बरसात भी हो गई। जिसके चलते शुक्रवार सुबह ये कच्चा रास्ता दुर्घटना का प्वाइंट बन गया। चौपहिया वाहन तो जैसे-तैसे गुजरते रहे, लेकिन अधिक फिसलन की वजह से एक के बाद एक दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिरते रहे। फिसलन की वजह से 15 मोटरसाइकिल गिर गए। इनमें से 3 लोगों को हॉस्पिटल ले जाना पड़ा तो वहीं अन्य को वापस अपने घरों को लौटना पड़ा। गांव रत्ताखेड़ा निवासी मनीराम पालड़िया अपने बेटे के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव से आँखों के आॅपरेशन हेतु सरसा जाने के लिए ओढ़ां की तरफ जा रहा था। रास्ते में उक्त जगह पर उनका मोटरसाइकिल फिसल गया। हालांकि इस दौरान पिता-पुत्र को चोट तो नहीं आई, लेकिन वे कीचड़ में भर गए। Sirsa News
कल उक्त जगह पर पानी का टैंकर डाला गया था और रात को बरसात हो गई। इसलिए ये स्थिति उत्पन्न हुई। सड़क के दोनों ओर के जो किसान हैं उनसे सहमति नहीं बन रही। हमने वहां पर रेतीली मिट्टी डालनी भी चाही, लेकिन साथ लगते खेतों के किसानों ने नहीं डालने दी। साथ लगते दोनों खेतों के किसान सड़क वाली भूमि के काफी ऊंचे रेट मांग रहे हैं। लेकिन विभाग द्वारा लिंक रोड पर उस हिसाब से रेट देने का प्रावधान नहीं है। रोड न बनने में यही समस्या दरपेश आ रही है। लेकिन हमने उच्चाधिकारियों को लोगों की परेशानी से अवगत करवा रखा है। करीब 70 फुट के क्षेत्र में समस्या अधिक है बाकी कुछ जगह में तो हमने पत्थर डलवा रखा है। हम तो पहले ही यहां रेतीली मिट्टी डाल रहे थे, लेकिन किसानों के कहने पर दोमट मिट्टी डालनी पड़ी। इस मामले को सुलझाने के लिए हम लगे हुए हैं। सहमति बनते ही हम तत्पर रूप से सड़क बना देंगे। फिलहाल हमने जेई को वहां पर रेतीली मिट्टी डालने के लिए कह दिया है ताकि फिसलन तो न रहे।
– लखबीर सिंह, एसडीओ (मार्केटिंग बोर्ड कालांवाली)















