
मुजफ्फरनगर (सच कहूँ/अनु सैनी)। Metro News: केंद्र सरकार द्वारा बजट में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने के बाद एनसीआर में परिवहन ढांचे को नई गति मिलने की संभावना बढ़ गई है। इस राशि का बड़ा फायदा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) की महत्वाकांक्षी परियोजना—दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर—को मिलने की उम्मीद है। यदि प्रस्तावित विस्तार को मंजूरी मिलती है, तो यह कॉरिडोर मेरठ से आगे मुजफ्फरनगर तक बढ़ाया जाएगा और इसकी कुल लंबाई लगभग 139 किलोमीटर हो जाएगी।
82 किमी कॉरिडोर पर तेजी से काम
वर्तमान में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक 82 किलोमीटर लंबा रैपिड रेल कॉरिडोर स्वीकृत है। इसमें से 55 किलोमीटर हिस्से—दिल्ली से मेरठ साउथ—पर नमो भारत ट्रेन का संचालन पहले से जारी है। मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक शेष 27 किलोमीटर ट्रैक पर भी नमो भारत और मेट्रो ट्रेनों के संचालन की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि इस खंड के चालू होते ही मेरठ-दिल्ली के बीच यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मेरठ साउथ से अशोक नगर तक चल रही नमो भारत ट्रेन यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय साबित हुई है। बढ़ती मांग को देखते हुए अब ट्रेनों का संचालन हर 15 मिनट में किया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
एनसीआरटीसी द्वारा एकत्र किए गए यात्रियों के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद सरकार ने रैपिड रेल कॉरिडोर को मुजफ्फरनगर तक विस्तारित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
विस्तार के बाद मुजफ्फरनगर के निवासियों को दिल्ली तक सीधी, तेज और सुविधाजनक कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे न केवल दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद अरुण गोविल भी सार्वजनिक मंचों पर इस विस्तार के समर्थन में बयान दे चुके हैं।
मेरठ में मेट्रो विस्तार की योजना
रैपिड रेल के साथ-साथ मेरठ शहर में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की भी तैयारी है। योजना के तहत दिल्ली रोड स्थित मेट्रो कॉरिडोर को गढ़ रोड से जोड़ा जाएगा। नगर निगम सीमा तक मेट्रो ट्रैक बिछाने की योजना है, जिसका अंतिम स्टेशन गोकुलधाम प्रस्तावित किया गया है। इससे शहर के भीतर आवागमन और अधिक सुगम होगा।
परिवहन क्रांति की ओर कदम
- रैपिड रेल और मेट्रो के संयुक्त संचालन से मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
- यात्रा समय में कमी
- ट्रैफिक जाम से राहत
- प्रदूषण में कमी
स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
दिल्ली-मेरठ-मुजफ्फरनगर रैपिड रेल कॉरिडोर का विस्तार न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को भी नई दिशा देगा। आने वाले महीनों में यदि विस्तार को औपचारिक मंजूरी मिलती है, तो यह परियोजना एनसीआर के परिवहन इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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