Telangana Bus Strike: हैदराबाद। तेलंगाना में सार्वजनिक सड़क परिवहन सेवाएं बुधवार को पूरी तरह से ठप हो गईं, क्योंकि तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। राज्य सरकार के साथ बातचीत विफल होने के बाद कर्मचारी संघों की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) द्वारा हड़ताल पर जाने के फैसले के चलते आधी रात से ही राज्य भर में टीजीएसआरटीसी की बसें सड़कों से गायब हो गईं। TGSRTC Strike
आरटीसी की बसें सभी 90 डिपो तक ही सीमित रहने के कारण, राजधानी हैदराबाद सहित पूरे राज्य में यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेते देखा गया। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने डिपो के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को हल करने की मांग की। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने डिपो पर सुरक्षा बढ़ा दी।
कुछ स्थानों पर टीजीएसआरटीसी संविदा कर्मचारियों की मदद से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन कर रही थी। टीजीएसआरटीसी लगभग 9,500 बसें संचालित करती है, जिनमें 2,500 किराए की बसें और 1,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। राज्य भर में प्रतिदिन लगभग 25 लाख लोग आरटीसी बसों से यात्रा करते हैं। हैदराबाद स्थित महात्मा गांधी बस स्टेशन (एमजीबीएस), जो राज्य का सबसे बड़ा बस स्टैंड है, सुनसान नजर आ रहा था। सिकंदराबाद स्थित जुबली बस स्टेशन (जेबीएस) और राज्य की राजधानी तथा अन्य सभी जिलों के बस स्टेशनों पर भी ऐसी ही स्थिति थी।
टीजीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक नागी रेड्डी ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है
टीजीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक नागी रेड्डी ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से उनकी मांगों को पूरा करने के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ यूनियनें कर्मचारियों को गुमराह कर रही हैं। प्रबंध निदेशक ने कहा कि सरकार ने मांगों पर विचार करने के लिए आईएएस अधिकारियों की एक समिति गठित की है। मंगलवार रात जेएसी और समिति के बीच हुई बातचीत गतिरोध को हल करने में विफल रही। TGSRTC Strike
समिति ने मांगों के समाधान के लिए चार सप्ताह का समय मांगा। जेएसी नेताओं ने कहा कि उनकी मांगें नई नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी 32 मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे हड़ताल जारी रखेंगे। जेएसी के अध्यक्ष ईदुरु वैकन्ना ने मीडियाकर्मियों को बताया कि सभी यूनियनों ने हड़ताल के आह्वान को अपना समर्थन दिया है। टीजीएसआरटीसी का सरकार में विलय जेएसी की मुख्य मांग है। आरटीसी जेएसी के अध्यक्ष ने दावा किया कि सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र में इस मुद्दे को स्पष्ट रूप से शामिल करने के बावजूद इसे नजरअंदाज कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने एक समिति का गठन करके मामले को टालने की रणनीति अपनाई है। उन्होंने याद दिलाया कि जेएसी ने 41 दिन पहले हड़ताल का नोटिस दिया था। वेंकन्ना ने कहा कि अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण उन्हें हड़ताल पर जाने के लिए विवश होना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इलेक्ट्रिक बसों को शुरू करने के बहाने हैदराबाद डिपो में तैनात कर्मचारियों को जिलों में स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है। TGSRTC Strike















