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    Petrol-Diesel Price: पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने को लेकर तेल कंपनियों का आया बड़ा बयान

    Petrol-Diesel Price
    Petrol-Diesel Price: पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने को लेकर तेल कंपनियों का आया बड़ बयान

    लखनऊ (एजेंसी)। Petrol-Diesel Price: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की माने तो उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी सहित सभी पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। अधिकारियों ने बताया कि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और मजबूत वितरण तंत्र के जरिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की अटकलें भी पूरी तरह से निराधार हैं।

    उत्तर प्रदेश में इंडियन आॅयल कारपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के कार्यकारी निदेशक व स्टेट हेड संजय भंडारी ने यूनीवार्ता विशेष बातचीत के दौरान यह बातें कहीं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। राज्य सरकार के साथ-साथ तेल कंपनियों ने भी स्पष्ट किया है कि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी घबराने की स्थिति नहीं है। Petrol-Diesel Price

    उन्होंने बताया कि वर्तमान में औसतन प्रतिदिन करीब 7 लाख एलपीजी रिफिल की आपूर्ति की जा रही है। अभी लगभग 5 दिन का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि बैकलॉग करीब 6 दिन का है, जिसे तेजी से कम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले यह बैकलॉग एक दिन का था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल की आवक पूरी तरह सामान्य है और किसी भी तरह की कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी को भी पैनिक में आने की जरूरत नहीं है, हर जगह स्थिति सामान्य है।

    संजय भंडारी ने चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की अफवाहों को भी खारिज किया। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें। आने वाले दिनों में ऐसा कुछ होने की संभावना नहीं है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अफवाहों के चलते जमाखोरी का प्रयास न करें। हालाकि इससे पहले केंद्र एवं राज्य सरकार भी स्पष्ट कर चुकी है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर और नियंत्रित है तथा आम जनता को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

    आईओसीएल के अधिकारी ने बताया कि दरअसल राज्य में कुल 13,168 रिटेल आउटलेट (ओएमसी 12,331 व निजी 863) और 28 सप्लाई लोकेशन सक्रिय हैं। प्रतिदिन औसतन 16 टीकेएल पेट्रोल (एमएस) और 30 टीकेएल डीजल (एमएसडी) की आपूर्ति हो रही है। Petrol-Diesel Price

    उन्होंने बताया कि वर्तमान में पेट्रोल का 18 दिन और डीजल का 16 दिन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं और बिक्री पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है।

    श्री भंडारी ने स्पष्ट किया कि जनवरी से मार्च 2026 तक ईंधन की खपत सामान्य बनी हुई है, जो मांग की स्थिरता को दशार्ती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

    उन्होंने बताया कि राज्य में एलपीजी की आपूर्ति भी पूरी तरह स्थिर है। राज्य में 4,143 वितरकों और 36 बॉटलिंग प्लांट के माध्यम से करीब 4.88 करोड़ उपभोक्ताओं को सेवा दी जा रही है। भंडारी की माने तो प्रतिदिन लगभग 8.7 लाख सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है और लगभग 4.5 दिन का बैकलॉग भी नियमित रूप से निपटाया जा रहा है। उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे डिजिटल माध्यम से ही बुकिंग करें और डिलीवरी के समय डीएसी साझा करें।
    आईओसीएल के स्टेट हेड ने बताया कि पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार हुआ है। राज्य में लगभग 20 लाख पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं। पिछले एक माह में 28,210 नए कनेक्शन जोड़े गए हैं और 44 जनपद सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। इससे शहरी क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। Petrol-Diesel Price

    भण्डारी ने बताया कि आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए राज्य सरकार, नागरिक आपूर्ति विभाग और आॅयल मार्केटिंग कंपनियों के बीच नियमित समन्वय बैठकें हो रही हैं। जिला स्तर पर निगरानी समितियां सक्रिय हैं और प्रतिदिन सुबह 10 बजे तक कंट्रोल रूम को स्टॉक रिपोर्ट भेजी जा रही है। भंडारी ने कहा कि, ‘जमाखोरी और अवैध डायवर्जन पर सख्ती बरती जा रही है। अब तक 21,939 निरीक्षण किए गए हैं, जिनमें 12,330 सिलेंडर जब्त, 245 एफआईआर दर्ज और 22 गिरफ्तारियां की गई हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा-निदेर्शों के अनुसार 68% आवंटन स्तर बनाए रखा गया है। अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, रक्षा, रेलवे, होटल-रेस्तरां और औद्योगिक इकाइयों को प्राथमिकता दी जा रही है। हालाकि केंद्र और राज्य सरकार ने भी आश्वस्त किया है कि पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर और नियंत्रित है तथा आम जनता को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

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