
प्रताप बाजवा पर गाली देने का आरोप, तल्खी के बीच आप विधायकों का हंगामा
- मेडिकल कॉलेज को लेकर शुरू हुआ था विवाद
चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: पंजाब विधानसभा में उस समय भारी हंगामा हो गया जब अमन अरोड़ा और प्रताप सिंह बाजवा के बीच तीखी तू-तू मैं-मैं शुरू हो गई और हालात लड़ाई तक पहुंचते नजर आए। इस दौरान प्रताप सिंह बाजवा की ओर से कुछ शब्द बोले गए, जिसके बाद बहस और तेज हो गई। इसी दौरान हरपाल चीमा भी इस बहस में शामिल हो गए और प्रताप सिंह बाजवा को अपनी हद में रहने की सलाह देते हुए कथित तौर पर निकाली गई गाली के लिए माफी मांगने की मांग कर दी।
चीमा ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा ने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली दी है और इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।हरपाल सिंह चीमा ने यह भी कहा कि आप बुजुर्ग हो गए हैं, लेकिन आपको बोलने की तमीज नहीं है, पहले बोलना सीखिए। इसके बाद दोनों के बीच तल्खी और ज्यादा बढ़ गई। हरपाल सिंह चीमा अपने बेंच को पार करते हुए प्रताप सिंह बाजवा की ओर बढ़ गए। वहीं अमन अरोड़ा भी प्रताप बाजवा की ओर बढ़ते हुए बोले कि जो कुछ देखना है, यहीं देख लिया जाए। इस दौरान अन्य मंत्री और आम आदमी पार्टी के विधायक भी अपनी सीटों से आगे आकर प्रताप बाजवा की ओर बढ़ने लगे। इसके बाद सदन के अंदर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। वहीं कांग्रेस के विधायक भी आगे आए और मामले को शांत कराने की कोशिश की, जिसके बाद माहौल कुछ शांत हुआ।
जानकारी के अनुसार, पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायक तृप्त राजेन्द्र बाजवा ने पंजाब में मेडिकल कॉलेजों की स्थिति को लेकर सवाल पूछा था। इस सवाल के दौरान जब स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह जवाब दे रहे थे, तभी प्रताप सिंह बाजवा अपनी सीट से खड़े होकर बोले कि लहरागागा में बन रहे जैन समाज के मेडिकल कॉलेज को सरकार अपना मेडिकल कॉलेज कैसे बता सकती है, क्योंकि वह एक निजी मेडिकल कॉलेज है। इसलिए सिर्फ सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बारे में बताया जाए कि पंजाब में सरकार ने कौन-कौन से मेडिकल कॉलेज तैयार किए हैं। Chandigarh News
अमन अरोड़ा अपनी सीट से खड़े होकर कुछ कहने की कोशिश कर रहे थे, तभी प्रताप सिंह बाजवा ने उन्हें टोकते हुए कहा कि वह स्वास्थ्य मंत्री नहीं हैं, फिर वह कैसे जवाब दे सकते हैं। इस पर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि कोई भी मंत्री किसी भी समय अपनी सीट से खड़े होकर जवाब दे सकता है। इसी दौरान प्रताप बाजवा की ओर से कुछ ऐसा कहा गया, जिससे हरपाल चीमा काफी नाराज हो गए और उन्होंने खड़े होकर प्रताप बाजवा को शब्दों की मर्यादा में रहने की नसीहत दी। Chandigarh News
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