हमसे जुड़े

Follow us

11.2 C
Chandigarh
Friday, January 23, 2026
More

    Benefits of Bhringraj oil for hair: भृंगराज को घास न समझें चमत्कारी हैं इसके फायदे

    Benefits of Bhringraj oil for hair
    Benefits of Bhringraj oil for hair: भृंगराज को घास न समझें चमत्कारी हैं इसके फायदे

    Benefits of Bhringraj oil for hair: आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में भृंगराज को बालों का राजा कहा जाता है। इसके औषधीय गुण न केवल बालों को काला, घना और चमकदार बनाते हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ करते हैं। यह जड़ी-बूटी भारत, चीन, थाईलैंड और ब्राजील जैसे देशों के दलदली क्षेत्रों में सहजता से पाई जाती है और घरों के आसपास के खुले स्थानों में भी उगाई जा सकती है।

    भृंगराज का महत्व और औषधीय गुण | Benefits of Bhringraj oil for hair

    आयुर्वेदिक ग्रंथों में भृंगराज को केशराज कहा गया है, जिसका अर्थ है- बालों का राजा। यह नाम यूं ही नहीं पड़ा; इसकी पत्तियां, फूल, तना और जड़ें सभी औषधीय गुणों से भरपूर हैं। चरक संहिता में इसे पित्तशामक और रक्तशोधक बताया गया है, जो लिवर की कार्यक्षमता बढ़ाने और रक्त को शुद्ध करने में सहायक हैं। माना जाता है कि समय से पहले बालों का सफेद होना पित्त दोष के असंतुलन का परिणाम है। भृंगराज इस दोष को संतुलित कर सफेद होने की प्रक्रिया को धीमा करता है। सुश्रुत संहिता में इसे बालों की जड़ों को मजबूत करने और समय से पहले सफेदी को रोकने वाली अग्रणी औषधि बताया गया है। यही कारण है कि प्राचीन समय से लेकर आज तक भृंगराज तेल का प्रयोग बालों के स्वास्थ्य के लिए किया जाता रहा है।

    परंपरा से आधुनिकता तक

    ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अब भी भृंगराज की पत्तियों को पीसकर लेप बनाते हैं और बालों में लगाते हैं। शहरी इलाकों में यह तेल तैयार रूप में आयुर्वेदिक स्टोर्स पर आसानी से उपलब्ध है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि आप इसे सीधे पौधे से उपयोग करना चाहते हैं, तो पहले इसकी सही पहचान करना आवश्यक है, अन्यथा चिकित्सकीय परामर्श लेना बेहतर होगा।

    भृंगराज तेल बनाने की विधि

    भृंगराज का तेल घर पर भी तैयार किया जा सकता है। इसके लिए आवश्यक सामग्री में भृंगराज की पत्तियां, मीठा नीम, बारीक कटा प्याज, मेथी दाना और नीम की पत्तियां शामिल हैं।
    इन सभी सामग्रियों को सरसों के तेल में डालकर धीमी आंच पर पकाएं।
    जब तेल में सभी औषधीय गुण अच्छी तरह मिल जाएं, तो आंच बंद कर दें।
    ठंडा होने पर तेल को छानकर किसी कांच की बोतल में भरकर सुरक्षित रख लें।

    सावधानी और सलाह

    भृंगराज तेल की तासीर गरम मानी जाती है, इसलिए संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसका प्रयोग करने से पहले चिकित्सक की राय लेना चाहिए। नियमित उपयोग से यह न केवल बालों को काला और घना बनाता है, बल्कि दिमाग को भी ताजगी और ऊर्जा प्रदान करता है।