हमसे जुड़े

Follow us

18.2 C
Chandigarh
Sunday, March 1, 2026
More
    Home देश भूपेंद्र सिंह...

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा का यू टर्न, कभी नहीं कही चंडीगढ़ को छोड़ने की बात

    Bhupendra Singh Hooda

    हरियाणा: दिल्ली पर हक जताना, चंडीगढ़ को छोड़ना नही, यह तो हमारा ही है : हुड्डा

    अश्वनी चावला/सच कहूँ चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने बुधवार को दिल्ली को विशाल हरियाणा की राजधानी बनाए जाने के विवाद पर यू-टर्न ले लिया। हुड्डा ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसा तर्क नहीं दिया है कि वह चंडीगढ़ को छोड़ते हुए पंजाब को देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ तो शुरू से ही हरियाणा का ही था, परंतु जिस विशाल हरियाणा की बात कई दशकों से की जा रही है, उसी बात को ही उन्होंने दौर आया था, जिसमें उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों को विशाल हरियाणा में मिलाने के साथ-साथ दिल्ली को राजधानी बनाने की बात कही जाती रही है।

      भूपेंद्र सिंह हुड्डा चंडीगढ़ को पंजाब के हवाले करना चाहते हैं

    • मैंने तो बस उस बात को ही फिर से दोहराते हुए इसकी मांग की है।
    • वे चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्टीकरण दे रहे थे।
    • भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा बीते दिन सदन में दिल्ली को राजधानी बनाने के दिए गए बयान के बाद
    • से ही विरोधी पार्टियों के निशाने पर आ गए थे
    • क्योंकि सभी ने कहना शुरू कर दिया है
    • कि शुरू से ही भूपेंद्र सिंह हुड्डा चंडीगढ़ को पंजाब के हवाले करना चाहते हैं।
    • क्योंकि पंजाब में इस समय कांग्रेस की ही सरकार है

    -जिसके चलते भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा दिल्ली को विशाल हरियाणा की राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखने के साथ-साथ चंडीगढ़ के प्रति अपनी मंशा साफ कर दी है।

    कहा कि वह तो अपने पिता की बात को दौर हार रहे थे

    भूपेंद्र हुड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनके पिता रणबीर सिंह हुड्डा संविधान निर्माता सभा के सदस्य थे और उस समय जब संविधान तैयार हो रहा था तो 2 अगस्त 1949 को जब पंजाब के विभाजन की बात चली तो उनके पिता रणवीर सिंह ने विशाल हरियाणा का प्रस्ताव दिया था। उनका सुझाव आज भी प्रसांगिक है। उन्होंने कहा कि वह तो अपने पिता की बात को दौर हार रहे थे, क्योंकि उस समय यह कहा गया था कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और भरतपुर समेत राजस्थान के कुछ इलाकों को मिलाकर विशाल हरियाणा बनाने की दिशा में सोचा जाए और इसके साथ ही जब विशाल हरियाणा बन जाए तो दिल्ली को इसकी राजधानी बनाया जाना चाहिए।

    टिकट के गलत बंटवारे के कारण  नहीं पहुंच सके बहुमत तक

    भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने एक बार फिर से हरियाणा में कांग्रेस की सरकार नहीं बनने की टीस को जाहिर करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान गलत टिकटों के आवंटन के कारण हरियाणा में काफी विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। अगर टिकटों का आवंटन ठीक ढंग से हो जाता तो हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बन जाती। गलत सीटों के आवंटन के कारण ही हम बहुमत के पास नहीं पहुंच सके हैं।

     

    Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करे।