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    गुजरात में रासायनिक हमले की साजिश बेनकाब, एटीएस ने डॉक्टर सहित तीन संदिग्ध आतंकी किये गिरफ्तार

    Jalandhar News
    सांकेतिक फोटो

    Terrorist plot in Gujarat: गांधीनगर। गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक चिकित्सक सहित तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर घातक हथियारों और रासायनिक पदार्थों का उपयोग कर गंभीर आतंकी वारदात की साज़िश रचने का आरोप है। एटीएस अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में एक तेलंगाना तथा दो उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। ये लोग कथित रूप से हथियारों की आपूर्ति और आदान–प्रदान के उद्देश्य से गुजरात पहुँचे थे तथा ‘राइसिन’ (Ricin poisoning case) जैसे अत्यंत खतरनाक ज़हरीले पदार्थ से हमला करने की योजना बना रहे थे। Gujarat News

    एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई। 7 नवम्बर को हैदराबाद निवासी डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद को अडालज क्षेत्र से पकड़ा गया। उसके पास से दो ग्लॉक पिस्तौल, एक बेरेटा पिस्तौल, 30 जिंदा कारतूस तथा चार लीटर अरंडी का तेल जब्त किया गया। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह गुजरात के कलोल क्षेत्र में एक सुनसान स्थान से हथियार एकत्र कर चुका है और भविष्य में बड़े हमले की योजना बना रहा था।

    जाँच में यह भी सामने आया कि सैयद का संपर्क अफ़ग़ानिस्तान मूल के अबू ख़दीजा से था, जो आईएसकेपी (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत) से जुड़ा बताया जाता है। ख़दीजा पाकिस्तान में सक्रिय कई आतंकी तत्वों के भी संपर्क में रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सैयद उच्च शिक्षित होने के बावजूद कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था और उसने धन जुटाने तथा नए लोगों की भर्ती करने की भी योजना बनाई थी। Gujarat News

    एटीएस ने बताया कि सैयद ‘राइसिन’ जैसा अत्यंत विषैला रासायनिक यौगिक तैयार करने के लिए आवश्यक उपकरण और सामग्री जुटा चुका था और प्रारंभिक प्रसंस्करण भी आरंभ कर दिया था। उसके मोबाइल फ़ोन की जाँच के बाद हथियार सप्लाई से जुड़े अन्य दो व्यक्तियों—आज़ाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहैल मोहम्मद सलीम—को बनासकांठा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इन दोनों ने कथित रूप से राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार मँगवाकर सैयद तक पहुँचाए थे।

    तीनों अभियुक्तों के विरुद्ध गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। सैयद को 17 नवम्बर तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य दो आरोपियों को अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।

    अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जाँच से संकेत मिले हैं कि आरोपियों ने लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद जैसे संवेदनशील स्थानों की रेकी भी की थी। इसके अलावा, हथियारों की खेप पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से भेजे जाने की बात भी सामने आई है। एटीएस अब इनकी गतिविधियों के व्यापक नेटवर्क और आईएसकेपी से संभावित संबंधों की गहन जाँच कर रही है। Gujarat News