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Tuesday, March 3, 2026
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    लीचेट से रोजाना 5.50 लाख लीटर पानी फिल्टर कर रहा इको ग्रीन

    Eco Green

    इको ग्रीन ने चाइना से लाकर गुरुग्राम में लगाए दो महत्वपूर्ण प्लांट

    गुरुग्राम(सच कहूँ/संजय मेहरा)। शायद यह बात आपको अटपटी लगे, यह सच है कि जो कूड़ा हम घरों से निकालते हैं। उस कूड़े में से रोजाना साढ़े पांच लाख (5.50 लाख) लीटर पानी कूड़े के लीचेट को फिल्टर करके निकाला जा रहा है। चाइनीज टैक्नोलॉजी से यह गुरुग्राम में संभव हो रहा है। गुरुग्राम नगर निगम क्षेत्र से कूड़ा उठाने वाली चाइनीज कंपनी इको ग्रीन ने चाइना से लाकर गुरुग्राम में दो ऐसे डिस्क ट्यूब रिवर्स आॅस्मोसिस (डीटीआरओ) प्लांट स्थापित किए हैं, जिनके द्वारा शहर के कूड़े से निकलने वाले लीचेट (कूड़े से निकलने वाला तरफ पदार्थ) से पानी निकाला जा रहा है।

    इस पानी की गुणवत्ता आरओ के पानी की गुणवत्ता के बराबर होने के भी दावे किए जा रहे हैं। शहर का कूड़ा, कचरा उठाकर गुरुग्राम-फरीदाबाद मार्ग स्थित बंधवाड़ी गांव के पास डंपिंग स्टेशन तक कंपनी द्वारा ले जाया जाता है। वहां पर कंपनी की ओर से इस कूड़े से निकलने वाले लीचेट को साफ पानी के रूप में बदला जाता है। इसकी काफी बड़ी प्रक्रिया है।

    • हाल ही में कंपनी ने बंधवाड़ी में दो बड़े डिस्क ट्यूब रिवर्स आॅस्मोसिस (डीटीआरओ) स्थापित किए हैं।
    • इन दोनों प्लांट्स पर करीब 14 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
    • अब यहां कुल तीन प्लांट हो चुके हैं, जिनसे 5.50 लाख लीटर पानी रोजाना ट्रीट होता है।
    • नए लगाए गए दोनों प्लांट के माध्यम से रोजाना चार लाख लीटर पानी प्रतिदिन साफ होता है।
    • लीचेट से निकले पानी को बना रहे आरओ की गुणवत्ता के बराबर।
    • इससे पहले चाइना में सफल चल रहा है यह प्रोजेक्ट।

    भारत में पहली बार लगे हैं ये प्रोजेक्ट: सुमित

    कंपनी के कारपोरेट कार्यालय में जीएम इंजीनियरिंग सुमित के मुताबिक घर में लगे आरओ (रिवर्स आॅस्मोसिस) की तरह यह डिस्क ट्यूब रिवर्स आॅस्मोसिस (डीटीआरओ) सिस्टम लीचेट को क्लीन कर रहे हैं। भारत में ये सिस्टम पहली बार गुरुग्राम के बंधवाड़ी में लगाए गए हैं। इससे पहले चाइना में इस तरह के सिस्टम सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं।

    • यह पानी पीने के लिए उपयोग में नहीं लिया जा सकता।
    • हालांकि यह पानी पीने के पानी के पैरामीटर्स से कहीं अधिक बेहतर है।

    पीने के पानी व लीचेट से निकाले पानी में अंतर

    जीएम इंजीनियरिंग सुमित दावे के साथ कहते हैं कि शहर में पीने के लिए जो पानी सप्लाई किया जाता है, उसकी गुणवत्ता 500-600 टीडीएस (टोटल डिसॉलव्ड सॉलिड्स) होती है। आरओ के पानी के बराबर 100-150 से टीडीएस मात्रा का होता है। वहीं यहां लीचेट से क्लीन किए गए पानी की टीडीएस मात्रा 173 मिलीग्राम प्रति लीटर है। यह पानी आरओ के मुकाबले का है। नगर निगम से अनुमति नहीं होने के कारण फिलहाल इस पानी को बहरामपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में कंपनी अपने खर्च पर भेज रही है। यह पानी कृषि, प्लांट और फायर ब्रिगेड में काम में लिया जा सकता है।

     

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