जीवन पर खतरा, आर्थिक भविष्य की चिंता बेमतलब
आर्थिक तरक्की के चलते पूरी दुनिया ने अपना हवा, पानी, वन, मिट्टी, जीव जन्तु सब तहस-नहस कर लिए हैं। प्रकृति ने आर्थिक पहिये को जरा सा रोककर फिर से मनुष्य की हवा, पानी, मिट्टी, वनों की साफ-सफाई शुरू कर दी है वह भी बड़ी तेजी के साथ, जोकि मनुष्य अरबों रूपये के सफाई एवं पर्यावरण संरक्षण प्रोजेक्ट बनाकर भी नहीं कर पा रहा था।
अवसरवादियों का खेल बनी राजनीति
राजनीति में बढ़ अवसरवादिता की सोच चिंताजनक है। इस्तीफा देने वाले विधायकों की मंशा किसी से भी छिपी नहीं है। यहां मामला विधायकों के दल बदल का नहीं बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को कुचल देने का है। अवसरवादी राजनेताओं के लिए सत्ता तिकड़मबाजी का खेल बन गई है।
राजनीतिक द्वेष व संवैधानिक पद
राज्य सरकारें राज्यपाल की नियुक्ति को केंद्र सरकार की टेढ़े तरीके से राज्य में राजनीतिक दखलअंदाजी ही मानती है।
सरकार को राज्यपाल के पद की गरिमा को समझना चाहिए और कम से कम शिष्टाचार में तो कोई कमी नहीं छोड़नी चाहिए।


























