दिल्ली को शस्त्र नहीं, सौहार्द चाहिए
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से जो हालात बने हैं, वे न केवल त्रासद एवं शर्मनाक हैं, बल्कि भारत की संस्कृति एवं एकता को धुंधलाने वाले हैं।
प्रेरणास्त्रोत: भगवान हमारे हैं
उसकी संकीर्णता उसे धर्म की ओर जाने से रोकती है। उसे ज्ञान का सहारा लेकर उदान बनना होगा। जिस तत्परता से वह सुखी होना चाहता है। उसी लगन से उसे धर्म की शरण में जाना होगा। धर्म, परमात्मा को बड़ा प्रिय है। वे धर्म की रक्षा के लिए सदा तत्पर रहते हैं। जो मनुष्य धर्म का पालन करता है
कार्बन उत्सर्जन पर भारत ने लगाया अंकुश
इसी सिलसिले में भारत के कृषि वैज्ञानिक स्वामीनाथन ने कहा है
कि यदि धरती के तापमान में 1 डिग्री सेल्शियस की वृद्धि हो जाती है तो गेहूं का उत्पादन 70 लाख टन घट सकता है।


























