हनुमान का उत्तर
पता नहीं कितने इन्द्र और ब्रह्मा मर गए और कितने मरेंगे।
मुझे भी मरना है इसलिए मैंने अपनी गृहस्थी नहीं बसाई।
श्रीराम और परशुराम
उनका वास्तविक स्वामी तो वह होगा जो उनकी देखभाल करे और हमेशा उनकी सेवा मेें जुटा रहे, शिष्य ने उत्तर दिया।


























