विद्यासागर का जवाब
मार्शल ने अपने एक रिश्तेदार को पास करने की सिफारिश की। पर सिद्धांतवादी विधासागर ने साफ कहा कि मैं इस तरह की बेईमानी नहीं कर सकता। विधासागर जी का यह खरा जवाब सुनकर मार्शल की बोलती बंद हो गई। इसके बाद उसने फिर कभी ऐसी सिफारिश नहीं की।
हिंसा का ताडंव राजनीतिक विफलता
पुलिस अधिकारियों का यह बयान बहुत निराशा जनक है कि पुलिस कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण हिंसा नहीं रोकी जा सकी।
मानसून से पहले टिड्डियों को भगाना होगा
टिड्डियों ने ऐसी तबाही फरवरी में गुजरात और राज्स्थान में मचाई हुई है, जरूरत इस बात की है, किसी भी हाल में इनका आतंक रोका जाए। क्योंकि कुछ दिनों में मानसून दस्तक देने वाला है। उसके बाद किसान अपने खेतों में धान की रोपाई करेंगे। अगर उस वक्त भी टिड्डियों का आतंक यूं ही जारी रहा था, तो धान की फसल चौपट हो सकती है।