प्रेरणास्रोत : एक अंग्रेज ने कहा
एक दिन महात्मा बुद्ध घने जंगल में होकर कहीं जा रहे थे। दूर से अंगुलिमार ने उन्हें देख लिया। वह आनन-फानन में जा पहुँचा, उनके पास आकर बोला, ‘‘साधु, जो कुछ भी तुम्हारे पास हो, उसे निकाल दो अन्यथा तुम्हारी जान की खैर नहीं।’’
व्यक्ति प्रकृति से उतना ही ले जितना लौटाया जा सके
समुद्री वनस्पति और जीव-जंतुओं का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है
ऐसा ही बुरा असर वनों की कटाई, असंख्य औद्योगिक मकानों के निर्माण से धरती
और पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हो गया है


























