जल की शुद्धता और उपलब्धता का संकट
आंकड़ों के मुताबिक 200 मीटर की गहराई पर मौजूद भूजल का बड़ा हिस्सा दूषित हो चुका है वहीं 23 प्रतिशत भूजल अत्यधिक खारा है। जिस तेज गति से भूजल दूषित हो रहा है उसी का नतीजा है कि डायरिया, उल्टी, खून वाली उल्टियां, पेशाब में खून आना, बाल गिरना, फेफड़े, त्वचा, किडनी और लिवर और पेट दर्द से जुड़़ी बीमारियां बढ़ रही है।
विश्व अर्थव्यवस्था का भारत को लाभ उठाना होगा
भारतीय उद्यमियों को चीन से बाहर आ रही कंपनियों से निवेश आकर्षित करने के लिए जीतोड़ मेहनत करनी होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस अवसर का लाभ उठाने और कोरोना के बाद बहुराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला का केन्द्र बनने का आह्वान किया है।

























