If there is a self-interest in art then it is malicious propaganda

कला में अगर स्वार्थ है तब वह विद्वेषपूर्ण प्रचार है

कलाकार को राजनीति के ढ़ीले पेचों पर वार करने का अधिकार है परंतु यह काम वह सूक्ष्म कला द्वारा करता है न कि किसी पार्टी के रटे-रटाए नारों की तरह। ताजा विवाद अगले साल जनवरी में रिलीज होने वाली फिल्म, ‘द ऐक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ का है यह फिल्म पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर आधारित है […]
सम्पादकीय