Insaniyat

Insaniyat Campaign: उड़ीसा के प्रशांत को संगरिया के सेवादारों ने 5 हजार किमी. दूरी तय कर सकुशल घर पहुंचाया

कभी-कभी जिंदगी में अपनों से बिछड़ने का दर्द इतना गहरा होता है कि उम्मीद भी जवाब देने लगती है। तीन साल से जिस बेटे के लौटने की आस में एक मां की आंखें राह तकते-तकते थक चुकी थीं, उस मां के सामने जब उसका बेटा अचानक सकुशल खड़ा हुआ तो खुशी के आंसुओं ने तीन साल का दर्द बहा दिया
देश  राजस्थान  राज्य  मानवता भलाई कार्य  प्रेरणास्रोत  न्यूज़ ब्रीफ