हमसे जुड़े

Follow us

18.3 C
Chandigarh
Thursday, February 26, 2026
More

    Motivational : परम शांति अपने अंदर ही, मिलती है ध्यान से !

    Motivational

    Motivational : सूफी फकीर बायजीद अपनी कुटिया में ध्यान में लीन थे। इस दौरान कोई उनसे मिलने नहीं आता था। मगर इस बात से अनजान एक अतिथि उनसे ध्यान का तरीका सीखने उनके पास आया और उन्हें पुकारने लगा। उसने बताया कि वह जानना चाहता है कि कैसे ध्यानमग्न हुआ जाए। कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर वह जोरों से दरवाजा पीटने लगा। उसे लगा शायद अंदर कोई न हों। तो उसने जोर से चिल्लाकर पूछा- अंदर कौन है? मगर कोई फायदा नहीं हुआ।

    दरवाजा नहीं खुला। वह वहीं बैठ गया और प्रतीक्षा करने लगा। शाम के वक्त जब बायजीद बाहर निकले तो वह उलाहना देते हुए बोला- मैंने आपको बहुत पुकारा। कई बार आवाजें लगाई पर आपने तो कोई जवाब ही नहीं दिया। इस पर बायजीद मुस्कराते हुए बोले- मैं तो कुटिया के भीतर ही था। पर तुम्हारे प्रश्न ‘कौन है’ का जवाब खोजने के लिए मुझे अपने भीतर जाना पड़ा। सो उसी में देर हो गई। अतिथि ने कुछ नहीं कहा। तब तक वहां कई लोग जमा हो गए। बायजीद का प्रवचन शुरू हो गया। लेकिन थोड़ी ही देर के बाद जबर्दस्त आंधी-तूफान आया। अफरा-तफरी मच गई।

    सब अपनी जान बचाने इधर-उधर दौड़े। वह अतिथि भी भागा। पर बायजीद को वहीं बैठे देख वापस लौट आया। वह फकीर के चरण पकड़ कर बोला- इस तूफान में सब भागे पर आप नहीं। ऐसा क्यों? फकीर ने कहा- जब सब बाहर की ओर भागे मैं भीतर चला गया, अपने ही ध्यान में। वहां कोई तूफान नहीं था। वहां परम शांति थी। अतिथि ने कहा- मुझे मिल गया ध्यान का तरीका। Motivational

    यह भी पढ़ें:–Water Crisis: करोड़ों भारतीयों पर गंभीर जल संकट, होने वाली है पानी की कमी

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here