पंजाब सीएम भगवंत मान का फैसला, प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बदलेगा शिक्षा सिस्टम

Bhagwant Mann sachkahoon

अब ‘पढ़ेगा पंजाब’, विदेश में ट्रैनिंग लेंगे सरकारी शिक्षक व प्रिंसीपल

  • लुधियाना में मुख्यमंत्री भगवंत मान व शिक्षामंत्री की सरकारी स्कूल के प्रिंसिपलों के साथ बैठक

  • कहा, दिल्ली एजुकेशन मॉडल अपनाने से ही शिक्षा स्तर ऊंचा होगा

  • शिक्षा संबंधी सुझाव व शिकायत पोर्टल पर कर सकते हैं अध्यापक

सच कहूँ/रामगोपाल रायकोटी, लुधियाना। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) मंगलवार को दूसरी बार लुधियाना पहुंचे। मुख्यमंत्री मान और शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने पंजाब की शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सरकारी स्कूल के प्रिंसिपलों से बैठक की। बैठक में उन्होंने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के सिस्टम में बदलाव लाने पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अभी हमारा पंजाब शिक्षा क्षेत्र में बहुत पीछे है। हमें जरूरत है पंजाब को डिजिटल शिक्षा स्तर पर ले जाने की। स्कूल की इमारतें बनाने या रंग करने से शिक्षा का स्तर ऊंचा नहीं होगा। हमें दिल्ली मॉडल के तहत शिक्षा प्रणाली बनानी पड़ेगी। दिल्ली में एक जिले में 450 बच्चे नीट पास कर रहे हैं, क्योंकि वहां की शिक्षा प्रणाली मजबूत है। बड़े-बड़े अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ रहे है। हमें अपनी सोच बदलनी पड़ेगी और सरकार के साथ मिलकर शिक्षा प्रणाली को बेहतर करना पड़ेगा।

विदेशों में जा रहे यूथ को रोकना, पंजाब में ही पैदा करेंगे रोजगार

मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने कहा कि पंजाब को नशे की दलदल से निकाल कर ‘पढ़ता पंजाब’ बनाना है। पंजाब के बच्चों में टैलेंट बहुत है, लेकिन पिछली सरकारों ने बच्चों पर ध्यान नहीं दिया। बच्चे पंजाब का भविष्य है। हमें विदेशों में जा रहे अपने यूथ को रोकना है। पंजाब में रोजगार पैदा करने हैं। हमें जरूरत है दिल्ली जैसे एजुकेशन सिस्टम को अपनाने की। पंजाब में कई ऐसे अध्यापक भी हैं, जिन्होंने सरकार की मदद के बिना ही अपने इलाके के स्कूलों को बेहतरीन बनाया है। सरकार को गर्व है ऐसे अध्यापकों पर जो पंजाब के उज्जवल भविष्य में योगदान दे रहे हैं।

70 से 80 सदस्यों का बनेगा ग्रुप

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि जिस देश की शिक्षा प्रणाली बेहतर होगी उस देश में पंजाब के अध्यापकों और प्रिंसिपलों के 70 से 80 सदस्यों का ग्रुप बनाकर ट्रेनिंग लेने और वहां के सिस्टम को समझने के लिए भेजा जाएगा। पंजाब के अध्यापकों पर हमें इतना विश्ववास है कि वो पंजाब के बच्चों को देश के टॉपर बनाने का दम रखते है। बच्चों की जिंदगी में अध्यापक ही उसका रोल माडल होता। बच्चों के माता-पिता को भी बच्चों के बारे इतना नहीं पता होता जितना बच्चे के अध्यापक को उसके बारे पता रहता।

अंक प्रतिशत की दौड़ छोड़, आत्मविश्वास बढ़ाओ

मुख्यमंत्री मान (Bhagwant Mann) ने कहा कि सरकारी स्कूल के बच्चों में अंक प्रतिशत की दौड़ को मुख्य न रखा जाए। बच्चों में आत्मविश्वास लाया जाए। पंजाब के सरकारी स्कूल में पढ़ा बच्चा दुनिया के किसी भी मंच पर बेबाक होकर बात कर सके इस तरह का आत्मविश्वास बच्चों में अध्यापक भरे। स्कूल में नए आरओ लगाना या पंखे-कूलर लगाने से शिक्षा स्तर ऊंचा नहीं होगा। शिक्षा प्रणाली को बेहतर करने के लिए अध्यापकों को बच्चों के दिमाग में उतरना होगा। बच्चे की किस विषय में रुचि है उस तरफ बच्चों के बेहतर गाइडेंस देनी होगी। देश भक्ति की कक्षाएं लगानी पड़ेगी।

समान्य जिंदगी में जो काम आए वो ज्ञान दे: मान

मुख्यमंत्री मान (Bhagwant Mann) ने प्रिसिंपलों को संबोधित करते हुए कहा कि जो सामान्य जिंदगी में काम आए बच्चों को वो ज्ञान दें। बच्चों को किताबों तक सीमित न रखे। बच्चों को डिजिटल जिंदगी में अग्रसर किया जाए। बच्चों को पता रहे कि डिजिटल जिंदगी है क्या। बच्चों को पेपर लेस क्लास, डिजिटल पढ़ाई, चाइल्ड ऑफ द मंथ, पी.टी.एम आदि का ज्ञान करवाया जाए। पीटीएम स्कूल में जरूर होनी चाहिए ताकि प्रत्येक माता-पिता को पता रहे कि उनका बच्चा स्कूल में किस स्तर की पढ़ाई कर रहा है। अध्यापक उसे क्या पढ़ा रहे है। सरकारी स्कूलों के मालिक अध्यापक है। उन्हें ही देखना है अपने घर को किस तरह सुसज्जित करना।

जो बच्चा पास होगा उसे ही अगली कक्षा में बिठाएंगे

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पुरानी पार्टियों ने शिक्षा स्तर को गिरकर रख दिया था। अध्यापकों से कहा गया था कि कोई बच्चा फेल नहीं करना। यदि इस तरह पढ़ाई होगी तो पंजाब के बच्चे बिना पढ़े ही अगली कक्षाओं में जाते रहेंगे। बिना पढ़े बच्चों का अगली कक्षा में जाना कहीं न कहीं पंजाब को शिक्षा स्तर पर खोखला करने के बराबर है। आम आदमी पार्टी जल्द ही सुधार लाएगी। जो बच्चा कक्षा में पास होगा उसे ही अगली कक्षा में बैठने दिया जाएगा।

आइडिया शेयर पोर्टल किया लॉन्च

मुख्यमंत्री मान (Bhagwant Mann) ने कहा कि अध्यापक शिक्षा प्रणाली को बेहतर करने के लिए आइडिया शेयर पोर्टल भी लॉन्च किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यापक इस पोर्टल पर अपने सुझाव दे कि किस तरह सरकार शिक्षा प्रणाली को बेहतर करे। शिक्षा संबंधी कोई भी सुझाव या शिकायत अध्यापक इस पोर्टल पर दे सकते हैं। सरकार अध्यापकों को पढ़ाई का माहौल देगी और अध्यापक सरकार को बच्चों का बेहतर भविष्य देंगे। अध्यापकों को भी अवार्ड से नवाजा जाएगा। सरकार पढ़ाई के क्षेत्र में अध्यापकों को हर सुविधा देगी। सरकार के पास बच्चों की पढ़ाई के लिए काफी बजट है।

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