…वो अलकनंदा सी बही और बनाया अलग मुकाम
आम कच्चे थे तो उनकी सास ने अचार बनाने का सुझाव दिया।
अलकनंदा को अपने ससुर अरूनी कुमार और सास सुभद्रा कुमार का भरपूर सहयोग मिला।
आधुनिकता में खो गई पानी घड़ी , प्राचीनकाल में लोगों को बताती थी समय
तत्पश्चात सुईयों वाली घड़ी सैल से चलने लगी जिसमें चाबी भरने का झंझट ही खत्म हो गया और एक बार सैल डालने के बाद महिनों तक समय देखा जा सकता है।
तमाम खुशियों व रहमतों का भंडार बख्शा शाह सतनाम जी ने
आज की ताज़ा खबर हिंदी में। आप जी ने साध-संगत पर अपना यह महान रहमो करम फरमाया है। बाकि आप जी लगभग पन्द्रह महीने बराबर साथ भी रहे। गुरगद्दी के बारे क्यों, किन्तु, परन्तु आदि किसी तरह की भी शंका की कोई गुंजाईश नहीं रखी थी। ऐसे महान परोपकारी सतगुरु परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज के परोपकारों को साध-संगत कभी भी भुला नही सकती।
संगरूर : बुनियादी सुविधाओं को तरस रहा हलका लहरागागा
शहर निवासियों को यहाँ अस्पताल एमरजैंसी डाक्टर न होने के कारण भी बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार एमरजैंसी डॉक्टरों के न होने के कारण कई हादसे हुए और मौके पर मरीज को कोई सुविधा न मिलने कारण कई मरीजों ने अपनी जान भी गवाई है।
भ्रष्टाचार पर चिंतित सीएम खट्टर, खुद का जिला ही भ्रष्टाचार में दूसरे नंबर पर
यहां पर सबसे ज्यादा हैरानी वाली बात यह है कि पिछले 5 सालों में 250 मामलों में से 73 मामले रद कर दिए गए और 11 मामले अनट्रेस दिखाए गए हैं। Aaj Ki Taza Khabar in Hindi.


























