रोजाना 50 ट्रैक्टर-ट्रॉली यमुना से रेत-पत्थर की चोरी — ट्रैक्टर मालिकों से वसूला जा रहा “सेवा शुल्क”, रेकी और व्हाट्सएप नेटवर्क से प्रशासन को दी जा रही चुनौती
प्रतापनगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)।Pratap Nagar News: ताजेवाला के लाल टोपी घाट व फैजपुर असरा घाट से यमुना का सीना चीरकर रोजाना बड़ी मात्रा में रेत और पत्थर निकाले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा है।
सूत्रों के अनुसार हर दिन करीब 50 ट्रैक्टर-ट्रॉली यमुना से रेत-पत्थर भरकर निकलते हैं। खनन माफिया का एक संगठित गिरोह इस पूरे अवैध कारोबार को संचालित कर रहा है। बताया जा रहा है कि इस गिरोह का सरगना ट्रैक्टर मालिकों से रोजाना सेवा शुल्क के नाम पर वसूली करता है और कथित तौर पर यह रकम कुछ भ्रष्ट अधिकारियों तक भी पहुंचाई जाती है, ताकि कार्रवाई का खतरा कम रहे।
सुबह 5 से 8 बजे तक चलता है खनन का खेल | Pratap Nagar News
खनन माफिया ने अवैध खनन के लिए खास समय तय कर रखा है। रोजाना सुबह पांच बजे से आठ बजे तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें यमुना में उतर जाती हैं और तेजी से रेत-पत्थर निकाला जाता है। सुबह का समय इसलिए चुना गया है क्योंकि इस दौरान खनन रोकने वाली टीमों के छापे की संभावना कम रहती है।
नेशनल हाईवे पर रेकी, व्हाट्सएप से पहुंचती है सूचना
खनन गिरोह का सूचना तंत्र भी बेहद मजबूत बताया जा रहा है। जब यमुना में खनन चल रहा होता है तो कुछ युवक प्रतापनगर-ताजेवाला नेशनल हाईवे बैरियर के पास खड़े होकर प्रशासनिक वाहनों पर नजर रखते हैं। जैसे ही किसी अधिकारी या टीम के आने की भनक लगती है, तुरंत व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए खनन कर रहे लोगों को सूचना दे दी जाती है। सूचना मिलते ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियां यमुना से निकलकर मौके से फरार हो जाती हैं। Pratap Nagar News
पर्यावरण को भी भारी नुकसान
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह लगातार हो रहा अवैध खनन यमुना नदी के प्राकृतिक संतुलन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। नदी की धारा, तटबंध और आसपास के गांवों की जमीन पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
प्रशासन की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
स्थानीय चमन लाल बिट्टू गुरमीत सिंह लवकेश। आदि लोगों का कहना है कि ताजेवाला लाल टोपी घाट और फैजपुर क्षेत्र में अवैध खनन कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार इसका पैमाना काफी बड़ा हो गया है। रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और यमुना को रेत माफिया के चंगुल से कब तक मुक्त कराया जाता है।
इस बारे में इंफोर्समेंट से राजेश सैनी का कहना है कि हमारी टीम फिल्ड में है। अभी भेज कर चेक करवाते हैं ।किसी को अवैध खनन करने नहीं दिया जाएगा। जो भी अवैध खनन करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। Pratap Nagar News
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