Source of Inspiration
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Source of inspiration: सच्चे सतगुुरु जी ने छुड़वाया श्रद्धालु का नशा, दिया स्वस्थ जीवन!
Published On
By Sach Kahoon Desk
Source of inspiration: जीवोद्धार यात्रा के दौरान पूजनीय बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज श्री गंगानगर में पधारे हुए थे। किसी सेवा संस्था का मुखिया मेहर चंद नामक एक व्यक्ति आप जी के पास आया और सत्संग के दौरान आप जी से प्रेमपूर्वक सेवा मंजूर करवा ली। मेहर चंद के साथ कुछ और लोग भी […]
Source of inspiration: ‘‘यह तो देने वाला फकीर है, लेने वाला नहीं।’’
Published On
By Sach Kahoon Desk
Source of inspiration: सन् 1958, दिल्ली। एक बार जीवोद्धार यात्रा के दौरान पूजनीय बेपरवाह साँईं शाह मस्ताना जी महाराज दिल्ली पधारे हुए थे। बेपरवाह जी ने कपड़े की खरीददारी करने की इच्छा व्यक्त की। कुछ सेवादारों को साथ लेकर आप जी दिल्ली के चांदनी चौक बाजार में एक दुकान पर गए। उस समय सरसा से भक्त चरण […]
सच्चे सतगुरु जी ने डॉक्टरों का भम्र किया दूर
Published On
By Sach Kahoon Desk
Source of inspiration: एक बार सरसा शहर के कुछ प्रशासनिक अधिकारी व डॉक्टर आपस में मिलकर बातें करने लगे कि डेरा सच्चा सौदा के संत पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज सच्चे फकीर हैं। वहां डेरे में सेवादार बिना आराम किए लम्बे समय तक कठोर मेहनत करते हैं। उन्होंने सलाह की कि बाबा जी से […]
Source of Inspiration : देखते ही देखते मृत बच्चे ने आंखें खोल दीं, सच्चे सतगुरू जी ने उसे जीवित कर दिया!
Published On
By Sach Kahoon Desk
Source of Inspiration : सन् 1957, बुधरवाली, राजस्थान राजस्थान के गांव बुधरवाली में 27 सिंतबर, 1957 की रात को शहनशाह शाह मस्ताना जी सत्संग फरमा रहे थे। काफी संख्या में साध-संगत बड़े प्रेम व मस्ती से सत्संग सुन रही थी। इस गांव का माड़ू राम नामक व्यक्ति मेहनत-मजदूरी कर हक-हलाल की खाने वाला श्रद्धापूर्वक सत्संग […]
Source of inspiration: नाम दान लेते ही यूं बदली तकदीर!
Published On
By Sach Kahoon Desk
Source of inspiration: प्रमुख दास गांव खजूरी (फतेहाबाद) में रहता था। उसका पहला नाम राम गोपाल शर्मा था। सन् 1952 में परम पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज ने पहली बार जब महमदपुर रोही में सत्संग फरमाया था तो गांव में सबसे पहले राम गोपाल ने नाम-दान प्राप्त किया था। पूजनीय शहनशाह जी ने अपार […]
Source of inspiration: ”चौधरी बस पर नहीं जाना। भैंस के साथ जाना है।’’
Published On
By Sach Kahoon Desk
Source of inspiration: हंसराज पुत्र श्री जीवन राम गांव कोटली, जिला सरसा ने बताया कि मेरे बापू श्री जीवन राम जी अक्सर ही डेरा सच्चा सौदा सरसा में जाया करते थे। सन् 1959 की बात है कि वह पूजनीय शहनशाह मस्ताना जी महाराज के दर्शन करने के लिए डेरा सच्चा सौदा सरसा में आ गए। […]
‘‘बेटा, बहुत भयानक कर्म था, सूली से सूल हो गया। यह साध-संगत की सेवा का ही फल है’’
Published On
By Sach Kahoon Desk
Source of inspiration : प्रेमी जंगीर सिंह निवासी लोहाखेड़ा, फतेहाबाद सतगुरु की साक्षात रहमत को इस प्रकार बयां करते हैं। ये बात 10 अक्तूबर, 1988 की है। मैं बिजली बोर्ड में लाइनमैन के पद पर नियुक्त था। मुझे मासिक सत्संग पर आश्रम में जाना था, परंतु छुट्टी न मिलने के कारण नहीं जा सका। उसी […]
साईं जी ने मीठे वचनों से आलोचना करने वालों को भगत बनाया!
Published On
By Sach Kahoon Desk
डेरा सच्चा सौदा सतलोक पुर धाम नेजिया खेड़ा आश्रम सरसा से चौपटा सड़क पर स्थित है। जो इस गांव की शान है। एक बार की बात है। उन दिनों सरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम का मुख्य दरवाजा पूर्व दिशा की ओर से जाती पुरानी सड़क पर था। एक दिन पूजनीय बेपरवाह सांई शाह मस्ताना […]
Source of Inspiration: सतलोक को उड़ान: यूं ओड़ निभा जाते हैं सतगुरु के प्यारे शिष्य?
Published On
By Sach Kahoon Desk
Source of Inspiration एक बार गांव चूनावढ़ (राजस्थान) में सुबह का सत्संग था। पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज (Shah Satnam Ji Maharaj) शाही स्टेज पर आकर विराजमान हो गए। पूजनीय परम पिता जी की आज्ञा से भाई हाथी राम को शब्द बोलने का समय दिया गया। जैसे ही हाथी राम ने नारा बोला […]
मुर्शिद का दर: ‘खैरा’ को मिली दया-मेहर की खैर
Published On
By Sach Kahoon Desk
सरसा से 35 किलोमीटर दूर सरसा-फतेहाबाद सड़क पर डिंग मोड़ से सरदूलगढ़ लिंक रोड पर स्थित है। गाँव खैरा खुर्द के भक्त दल्लू राम, डॉ. सम्पत राम तथा माता मूली देवी (सरपंच रामेश्वर दास की माता) डेरा सच्चा सौदा सरसा में मासिक सत्संग पर पहुँचे। सत्संग सुना और पूजनीय बेपरवाह मस्ताना जी महाराज के आगे […]
पावन वचनानुसार धन्ना राम के गांव लालपुरा में कभी सूखा नहीं पड़ा!
Published On
By Sach Kahoon Desk
यह डेरा सरसा से लगभग 64 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। सन् 1951 की बात है। चौधरी धन्ना राम गोदारा, गांव लालपुरा ने किसी से सुना कि सरसा के एक डेरे में एक पहुंचा हुआ फकीर है जो मालिक का ही रूप है। उसके दर्शन करने से किसी चीज की इच्छा ही नहीं रहती। धन्ना […]
प्रेरणास्त्रोत: भक्ति और संपत्ति
Published On
By Sach Kahoon Desk
यह देख वहां अफरा-तफरी मच गई। कई लोग स्वर्ण मुद्राएं लेने के लिए गंगा में कूद गए। भगदड़ में कई लोग घायल हो गए। राजा को समझ में नहीं आया कि आखिर गुरू नानक जी ने यह सब क्यों किया।