Man Ki Baat with Modi:: जिस पक्षी को कभी अशुभ माना गया, आज पीएम मोदी ने मन की बात में क्यों किया उसका जिक्र?
'हरगिला पक्षी' बना आज गांवों की पहचान
Man Ki Baat with Modi: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें एपिसोड में असम के दुर्लभ पक्षी 'हरगिला' (Hargila Bird) (Greater Adjutant Stork) और उसके संरक्षण की प्रेरक कहानी देशवासियों के साथ साझा की। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था, जब असम के कुछ इलाकों में इस पक्षी को अशुभ माना जाता था, लेकिन लोगों की सोच बदलने के प्रयासों ने आज इसे गांवों की पहचान बना दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हरगिला एक बेहद दुर्लभ पक्षी है, जो प्रकृति को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके बावजूद लंबे समय तक लोगों के मन में इसे लेकर गलत धारणाएं बनी रहीं। लोग इस पक्षी को अपने आसपास देखना पसंद नहीं करते थे। यहां तक कि जिन पेड़ों पर हरगिला अपने घोंसले बनाता था, उन्हें भी काट दिया जाता था।
पीएम मोदी ने बताया कि इसी दौरान जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन ने यह स्थिति देखी और लोगों की सोच बदलने का संकल्प लिया। पूर्णिमा देवी ने सबसे पहले महिलाओं से संवाद किया और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर लोगों को समझाया कि हरगिला पर्यावरण के लिए कितना महत्वपूर्ण है। धीरे-धीरे महिलाएं इस अभियान से जुड़ती गईं और फिर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। जिस पक्षी को कभी अशुभ मानकर गांवों से दूर भगाया जाता था, वही आज कई गांवों की पहचान और गर्व का प्रतीक बन चुका है। प्रधानमंत्री ने इस प्रयास को समाज में जागरूकता और सामूहिक भागीदारी का बेहतरीन उदाहरण बताया।
बता दें कि हरगिला दुनिया के सबसे दुर्लभ और विशाल सारस प्रजातियों में से एक है। इसका नाम संस्कृत के दो शब्दों 'हड' (हड्डी) और 'गिला' (निगलना) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ 'हड्डी निगलने वाला पक्षी' है। यह मुख्य रूप से भारत के असम और कंबोडिया के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। वैश्विक स्तर पर इस पक्षी की करीब 80 प्रतिशत आबादी अकेले असम में रहती है।
हरगिला एक मांसाहारी और मृतभक्षी (स्कैवेंजर) पक्षी है। यह सड़े-गले मांस, मरे हुए जीवों और कचरे को खाकर प्राकृतिक सफाईकर्मी की भूमिका निभाता है। साथ ही, यह आर्द्रभूमि (वेटलैंड) और जलाशयों के आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।