Expressway News: दिल्ली-मुंबई के बाद देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, 1271 किमी का सफर होगा आसान
सूरत से चेन्नई तक सफर होगा आसान
नई दिल्ली। Expressway News: देश में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे माना जाता है, लेकिन इसके बाद दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे होगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
1271 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे
सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 1,271 किलोमीटर होगी। इसकी तुलना में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 1,350 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेसवे गुजरात के सूरत शहर को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से जोड़ेगा। सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे केवल गुजरात और तमिलनाडु को ही नहीं जोड़ेगा, बल्कि इसके रास्ते पड़ने वाले कई महत्वपूर्ण शहरों और राज्यों को भी लाभ पहुंचाएगा। इस एक्सप्रेसवे से आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात के कई शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। तिरुपति, कडप्पा, कुरनूल, कलबुर्गी, सोलापुर, अहमदनगर और नासिक को भी लाभ पहुंचाएगा
NHAI कर रहा है निर्माण
इस परियोजना का निर्माण नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की ओर से किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा पहले के मुकाबले काफी तेज और आरामदायक हो जाएगी।
यात्रा समय में होगी बड़ी कमी
सूरत और चेन्नई के बीच यात्रा करने वाले लोगों को इस एक्सप्रेसवे से बड़ा फायदा मिलेगा। इसके शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच सफर का समय लगभग आधा रह जाने की उम्मीद है। इससे व्यापार, पर्यटन और माल परिवहन को भी नई गति मिलेगी।
50 हजार करोड़ रुपये की लागत
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 50 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह देश की सबसे बड़ी सड़क परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है।
भविष्य में बढ़ाई जाएंगी लेन
फिलहाल एक्सप्रेसवे को 4 लेन के रूप में विकसित किया जा रहा है। हालांकि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे 6 लेन और बाद में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इससे बढ़ते ट्रैफिक को संभालने में आसानी होगी।
ट्रैफिक दबाव होगा कम
एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा। अनुमान है कि करीब 50 हजार वाहनों का ट्रैफिक अन्य सड़कों से हटकर इस नए एक्सप्रेसवे पर शिफ्ट हो जाएगा, जिससे यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित बनेगी।
