Job Change Financial Planning: नौकरी छोड़ने से पहले करें ये तैयारी, नहीं होगी पैसों की परेशानी

नौकरी छोड़ने से पहले करें ये 7 जरूरी फाइनेंशियल तैयारियां

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करियर में आगे बढ़ने, बेहतर सैलरी पाने या कार्यस्थल की समस्याओं के कारण लोग अक्सर नौकरी बदलने का फैसला लेते हैं। हालांकि नई नौकरी की तलाश में पुरानी नौकरी छोड़ने से पहले आर्थिक तैयारी करना बेहद जरूरी है। यदि सही फाइनेंशियल प्लानिंग की जाए, तो नौकरी बदलने या कुछ समय तक बेरोजगार रहने की स्थिति में भी परिवार की आर्थिक सुरक्षा बनी रह सकती है।

नौकरी छोड़ने से पहले जरूर करें ये तैयारी

1. इमरजेंसी फंड तैयार रखें

हर नौकरीपेशा व्यक्ति के पास कम से कम 6 से 12 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड होना चाहिए। इसके लिए हर महीने सैलरी का एक हिस्सा बचत खाते में जमा करें। पर्याप्त राशि जमा होने के बाद इसे लिक्विड फंड या बैंक एफडी में निवेश किया जा सकता है। इस फंड का उपयोग केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही करें।

2. पर्सनल हेल्थ इंश्योरेंस लें

अधिकांश कंपनियां कर्मचारियों को ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस देती हैं, लेकिन नौकरी छोड़ते ही यह सुविधा समाप्त हो जाती है। ऐसे में मेडिकल इमरजेंसी आने पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता है। इसलिए पहले से ही अपने और परिवार के लिए पर्सनल फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस लेना समझदारी है।

3. निवेश में रखें विविधता

अपनी पूरी बचत किसी एक निवेश विकल्प में न लगाएं। निवेश पोर्टफोलियो में इक्विटी, गोल्ड, बॉन्ड, डेट फंड और रियल एस्टेट जैसे अलग-अलग एसेट शामिल करें। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान जोखिम कम होता है और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित निवेश से पैसे निकाले जा सकते हैं।

4. पहले बचत करें, फिर खर्च

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि सैलरी मिलते ही सबसे पहले बचत या निवेश की राशि अलग निकाल देनी चाहिए। उसके बाद बाकी रकम से खर्च करें। कोशिश करें कि हर महीने कम से कम 20% सैलरी निवेश के लिए जरूर बचाएं।

नौकरी जाने या छोड़ने के बाद क्या करें?

1. जरूरत हो तो एसआईपी रोक सकते हैं

यदि नौकरी जाने के कारण नियमित आय बंद हो गई है, तो नई नौकरी मिलने तक एसआईपी को अस्थायी रूप से रोकने पर विचार किया जा सकता है। पहले से किए गए निवेश को बिना जरूरत निकाले रखें और यदि नियमित आय की जरूरत हो तो कुछ राशि सुरक्षित फिक्स्ड इनकम विकल्पों में स्थानांतरित की जा सकती है।

2. जरूरी और गैर-जरूरी खर्च अलग करें

सबसे पहले मासिक खर्चों की सूची बनाएं। घर का किराया, ईएमआई, बच्चों की फीस, बिजली-पानी का बिल और राशन जैसे जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें। वहीं ओटीटी सब्सक्रिप्शन, जिम मेंबरशिप, बाहर खाना और अन्य गैर-जरूरी खर्चों को कुछ समय के लिए बंद कर दें।

3. नौकरी छोड़ने के फैसले पर दोबारा सोचें

यदि आपको लगता है कि आपकी आर्थिक स्थिति अभी नौकरी छोड़ने की अनुमति नहीं देती, तो जल्दबाजी में इस्तीफा देने से बचें। पहले अपने मैनेजर या एचआर से बातचीत करें और कार्यस्थल से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश करें। कई बार कंपनी आपकी परेशानियों का समाधान कर सकती है, जिससे नौकरी छोड़ने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

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