राजेन्द्र इन्सां ने साध-संगत के सहयोग से 107 वे मंदबुद्धि को मिलवाया अपनों से
2271 किलोमीटर का सफर तय क...
प्रभु-प्राप्ति में अंत:करण की शुद्धता जरूरी
सरसा (सकब)। मालिक को खुश करने के लिए अंत:करण की भावना होनी चाहिए। अगर इन्सान का अंदर शुद्ध है तो बाहरी दिखावे की जरूरत नहीं होती। मालिक के प्रति तड़प, लग्न, व्याकुलता जब लग जाती है तो वो पल में दर्श-दीदार दे दिया करते हैं।
शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान कर रहे मानवता भलाई कार्यों को नई दिशा प्रदान
शाह सतनाम जी बॉयज कॉलेज म...


























