अनमोल वचन: सोने पे सुहागा है सेवा के साथ किया सुमिरन
पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि कलियुग में इन्सान को गम, दुख, दर्द, परेशानियों का सामना तो करना पड़ता है। मन-इंद्रियां बड़े फैलाव में हैं, लेकिन इसके साथ ही कलियुग में मालिक का नाम जपना बड़ा आसान भी है।
सत्संग में पैदा होती है प्रभु-भक्ति की भावना
अगर आप मालिक का नाम जपना चाहते हैं तो आप सत्संग सुनें। तभी आपको प्रेरणा मिलेगी, आपके अंदर मालिक के नाम के प्रति लगन लगेगी।
गरीबी में भी ईमान नहीं डगमगाया, 5 लाख का सोना लौटाया, ईमानदारी से 11 हजार का ईनाम पाया
आगरा। किराए के मकान में र...
‘अगर आप सुमिरन करते हैं तो सतगुरु आपकी जायज मांग सुनते भी रहेंगे और पूरा भी करते रहेंगे’
सच्चे रूहानी रहबर पूज्य ग...


























