सोने पे सुहागा है सेवा के साथ किया सुमिरन
पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि मालिक का प्यार-मोहब्बत, उसका नाम दोनों जहान में हमेशा अमर रहने वाला है। हमेशा मस्तो-मस्त रहने वाला है।
सतगुरु की नूरे-किरण कण-कण जर्रे-जर्रे में मौजूद: पूज्य गुरु जी
जीवात्मा कहती है कि हे प्रभु, तेरे प्यार-मोहब्बत को पाकर मुझे समझ आई है कि आपकी ही नूरे-किरण कण-कण, जर्रे-जर्रे में मौजूद है। सब अपने हैं, कोई दूजा नहीं, कोई वैरी-बेगाना तो है ही नहीं। मैं जिधर नजर मारती हूं, पलक उठाती हूं बस तू ही तू नजर आता है।
दिव्यांग दंपति को डेरा श्रद्धाुलओं ने बनाकर दिया आशियाना
पीड़ित परिवार रामनिवास ने बताया कि 5 साल पहले बरसात-तूफान में उसका मकान गिर गया था


























