नेत्रदानी वकील चंद बजाज की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि नामचर्चा में उमड़ी साध-संगत
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हिसार के ब्लॉक सलेमगढ़ की माता लक्ष्मीबाई इन्सां के मरणोपरांत शरीरदान के दौरान दी गई नम आंखों से अंतिम विदाई
हिसार ((सच कहूँ/श्याम सुं...
राम-नाम के बिना जीवन व्यर्थ
मालिक के नाम के बिना जीवन व्यर्थ है। मालिक के नाम से ही जीवन की कद्र-कीमत पड़ती है और आत्मा आवागमन से आजाद होती है। मनुष्य जन्म सदियों के बाद, युगों के बाद आत्मा को मिलता है। इस मनुष्य जन्म में अगर जीव नाम जपे, अल्लाह, वाहेगुरु का शुक्राना करे तो जन्मों-जन्मों के पाप-कर्म कट जाया करते हैं।


























