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Wednesday, April 15, 2026
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    Subarnarekha Floods: सुवर्णरेखा बाढ़ से बालासोर में भारी तबाही, 50,000 से अधिक लोग पीड़ित

    Subarnarekha Flood News
    Subarnarekha Floods: सुवर्णरेखा बाढ़ से बालासोर में भारी तबाही, 50,000 से अधिक लोग पीड़ित

    Destruction in Balasore: झारखंड में भारी वर्षा के कारण सुवर्णरेखा नदी में आई अचानक बाढ़ ने ओडिशा के बालासोर जिले में तबाही मचा दी है। शनिवार को नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी कई गांवों में घुस गया, जिससे 50,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। सुवर्णरेखा की बाढ़ का सबसे अधिक प्रभाव भोगराई, बलियापाल और बस्ता ब्लॉकों में देखा गया है। इसके अलावा जलेश्वर अधिसूचित क्षेत्र परिषद (एनएसी) का एक हिस्सा भी जलमग्न हो गया है। इन क्षेत्रों की लगभग 17 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं। Subarnarekha Flood News

    जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर | Subarnarekha Flood News

    जिला आपातकालीन केंद्र के अनुसार, सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर राजघाट क्षेत्र में धीरे-धीरे कम हो रहा है, परंतु यह अब भी 10.36 मीटर के खतरे के निशान की तुलना में 11.9 मीटर पर बना हुआ है। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगर झारखंड में वर्षा की तीव्रता कम रही, तो जलस्तर और घटेगा। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड के चांडिल बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण बालासोर जिले के कई क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। इससे निचले इलाकों में रह रहे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    प्रशासन की तैयारियाँ

    नागरिकों को सतर्क किया गया: प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को पास के चक्रवात आश्रयों में जाने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।

    • निकासी की तैयारी: बालासोर के जिलाधिकारी सूर्यवंशी मयूर विकास ने ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि वे ज़रूरत पड़ने पर तत्काल निकासी कार्य शुरू करें।
    • खाद्य आपूर्ति: प्रभावित क्षेत्रों में सूखे खाद्य पदार्थों का वितरण शुरू कर दिया गया है, जिससे संकट की घड़ी में लोगों को भोजन की समस्या न हो।
    • स्वास्थ्य सेवाएँ: जिला कलेक्टर ने मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (सीडीएमओ) को निर्देशित किया है कि वे आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करें और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने हेतु चिकित्सा सेवाएँ सुदृढ़ रखें।
    • बांध की निगरानी: सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता को चांडिल बांध के सभी गेटों की गहन जांच करने, जलस्तर की लगातार निगरानी करने और सभी एहतियाती उपाय अपनाने का निर्देश दिया गया है। Subarnarekha Flood News
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