चीन की तरह अर्थव्यवस्था को विस्तार देना होगा

Economy
भारतीय अर्थव्यवस्था ने रच दिया इतिहास, पूरी दुनिया हैरान!

चीन ने परमाणु अस्त्र के रूप में अपने यहां हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण कर अमेरिका तक की पेशानी पर पसीना ला दिया है। चीन का यह परीक्षण इतना गुप्त रहा कि अमेरिका तक को इसकी भनक भी नहीं लगी। चीन की यह हाइपरसेनिक मिसाइल अमेरिका के राडार सिस्टम भी नहीं पकड़ सकते, इतना ही नहीं चीन इस हाइपर सोनिक मिसाइल से अमेरिका के किसी भी बंदरगाह, महानगर, सैन्य अड्डों को आसानी से निशाना बना सकता है। परमाणु बम से युक्त चीन की इस मिसाइल का अमेरिका के पास कोई जवाब ही नहीं है। एक तरफ से चीन अब सैन्य शक्ति के तौर पर दुनिया का शीर्ष राष्ट्र बन गया है। युद्ध की जो क्षमता चीन ने हासिल कर ली है, बाकी दुनिया उससे बहुत पीछे रह गई है। इससे पहले चीन कोरोना से आर्थिक तौर पर पूरी दुनिया में तबाही मचा चुका है। कोरोना चीन से तैयार हुआ जैविक हथियार माना जा रहा है।

चीन ने आज तक अपनी प्रयोगशालाओं तक दुनिया को जाने नहीं दिया है, न ही कोरोना की उत्पत्ति से जुड़े साक्ष्यों तक दुनिया पहुंच सकी है। क्या यह जानना जरूरी नहीं हो गया है कि चीन का पहले-पहल गरीब देशों को भारी-भरकम ऋण देना, फिर उनसे उनके बंदरगाह, खदानें व बड़े बांध हासिल करना, दुनिया में वन बेल्ट वन रोड़ का प्रोजेक्ट लेकर आना, इसके बाद कोरोना से दुनिया भर के बाजारों को चौपट कर देना और अब हाइपरसोनिक परमाणु मिसाइल से दुनिया को अपनी सैन्य ताकत दिखाना, आखिर चीन क्या करने जा रहा है? कोरोना के दौरान पहले चीन ने भारत की ओर सैन्य घुसपैठ की, उसके बाद ताइवान पर अपने लड़ाकू विमान उड़ाए जब अमेरिका ने घुड़की दी तब उसे हारपरसोनिक परमाणु मिसाईल का परीक्षण कर अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं।

उक्त सबके अलावा दक्षिण चीन सागर पर चीन कई दशक से ही अपना एकाधिकार बढ़ाता चला जा रहा है। यूरोप, अफ्रीका, एशिया, लेटिन अमेरिका हर महाद्वीप में चीन अमेरिका से कहीं आगे निकल चुका है। आज चीन को अमेरिका से टक्कर लेने के लिए किसी वैश्विक या अंतरराष्ट्रीय चुनौती महसूस नहीं हो रही, बल्कि चीन के विरुद्ध अमेरिका आए दिन अलग-अलग क्षेत्रों में नए नए संगठन बनाकर अपना शक्ति संतुलन साधने की जी-तोड़ कोशिशों में लगा हुआ है। चीन की प्रगति के सामने भारत को देखना होगा कि उसके सिर पर खड़े चीन से आने वाले समय में कैसे मुकाबला किया जाए। भारत को तेजी से अपनी अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ाना होगा, भारत के पास चीन के बराबर का ही मानव संसाधन है, सबसे बड़ी बात भारत के पास एक मजबूत लोकतंत्र है जिससे दुनिया के किसी भी छोटे देश को चिंता नहीं है।

भारत को सबसे पहला काम यह करना चाहिए कि वह अपने पास एक मजबूत सरकार रखे, मजबूत सरकार को चाहिए होगा कि वह देश की आंतरिक क्षुद्र राजनीति का शिकार न बने, देश की विकास व फैलाव की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाए। युवाओं के लिए रोजगार व उद्योगों के लिए बाजार आसान करे, अर्थव्यवस्था बढ़ेगी, तब देश शोध पर ज्यादा से ज्यादा निवेश करे। रक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी, कृषि, वैश्विक समस्या इन क्षेत्रों में भारतीय दिमाग दुनिया को नेतृत्व देने की क्षमता हासिल करे, तब हम निश्चित तौर पर भविष्य के चीन के समक्ष मजबूती से खड़े रह सकते हैं।

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