जैसी करनी वैसी भरनी : तालिबान सरकार में पड़ी फूट, बरादर ने छोड़ा काबुल

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काबुल (एजेंसी)। तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा जमा चुके है लेकिन इस बीच जो मीडिया से खबरें निकल कर आ रही है वह तालिकान सरकार के लिए खतरे की घंटी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुल्ला गनी बरादर के एक समूह और एक कैबिनेट सदस्य के बीच गतिरोध बना हुआ है। पिछले कई दिनों से बरादर सार्वजनिक रूप से भी दिखाई नहीं दिए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं तालिबान में नेतृत्व को लेकर आपस में अभी भी गतिरोध बरकरार है। हालांकि तालिबान ने अधिकारिक रूप से इन खबरों को खारिज किया है। आपको बता दें कि तालिबान ने 7 सितंबर को नई कैबिनेट की घोषणा की थी जिसमें सभी पुरूष हैं।

क्या है विवाद

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बरादर, सरकार की सरंचना से खुश नहीं थे, जिससे तालिबान के नेता आपस में उलझ रहे हैं। आपको बता दें कि बरादर तालिबान के पहले नेता हैं जिन्होंने 2020 में अमेरिकी राष्टÑपति ट्रंप से फोन पर सीधे बात की थी। इसके पहले इन्होंने तालिबान की तरफ से दोहा समझौते में खुद हस्ताक्षर किए थे।

अफगान मूल के एक भारतीय नागरिक का अपहरण

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अफगान मूल के एक भारतीय नागरिक को बंदूक की नोक पर उसकी दुकान के पास से अगवा कर लिया गया है। इंडियन वर्ल्ड फोरम के अध्यक्ष पुनीत सिंह चंडोक ने कहा कि उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप करने को लेकर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अफगान हिंदू सिख समुदाय द्वारा जानकारी दी गयी है कि अफगान मूल के एक भारतीय नागरिक बंसरी लाल अरेन्दे (50) को काबुल स्थिति उसकी दुकान के पास से सोमवार को सुबह लगभग आठ बजे अगवा कर लिया गया।

चंडोक ने बताया कि अरेंदे फार्मास्युटिकल उत्पादों के व्यवसायी है और इस घटना के समय वह अपने कर्मचारियों के साथ अपनी दुकान पर सामान्य दिनचर्या में लिप्त था। उन्होंने बताया कि बंसरी लाल को उसके कर्मचारियों के साथ अगवा किया गया था, लेकिन उसके कर्मचारी किसी तरह भागने में सफल रहे, हालांकि अपहरणकर्ताओं ने उन्हें बेरहमी से पीटा है। बंसरी लाल का परिवार राष्ट्रीय दिल्ली में रहता है।

अफगानी विदेश मंत्री ने यूएनएचसीआर प्रमुख से मुलाकात की

तालिबान ने घोषणा की कि अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त फिलिपो ग्रैंडी से मुलाकात की। संयुक्त राष्ट्र ने मुत्ताकी पर प्रतिबंध लगा रखे हैं। तालिबान ने एक हफ्ते पहले, घोषणा की थी कि तालिबान का विरोध करने वाली अफगानिस्तान का आखिरी प्रांत पंजशीर भी उनके नियंत्रण में आ गया है। इसके अगले दिन, तालिबान ने मोहम्मद हसन अखुंद के नेतृत्व में अफगानिस्तान की नई अंतरिम सरकार के गठन की घोषणा की। अखुंद भी 2001 से संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में है। इस बीच सोमवार को ग्रैंडी ने कहा था कि वह अफगानिस्तान में मानवीय जरूरतों और सामान्य स्थिति का आकलन करने के लिए काबुल आए हैं।

 

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