कब खत्म होगा सऊदी अरब का तेल? जानिए कितने साल तक चलता रहेगा कच्चे तेल का भंडार

कब खत्म होगा सऊदी अरब का तेल? जानिए कितने साल तक चलता रहेगा कच्चे तेल का भंडार

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रियाद। Saudi Arabia Oil Reserves: दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल सऊदी अरब के तेल भंडार को लेकर अक्सर यह सवाल उठता रहता है कि आखिर वहां का कच्चा तेल कब तक चलेगा? समय-समय पर ऐसी चर्चाएं भी सामने आती हैं कि सऊदी अरब के तेल के कुएं जल्द सूख सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध भंडार और उत्पादन के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर फिलहाल कुछ और ही दिखाई देती है।

सऊदी अरब के पास तेल और गैस के 142 से अधिक बड़े क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों में हजारों सक्रिय कुएं लगातार तेल और गैस का उत्पादन कर रहे हैं। मौजूदा उत्पादन दर और प्रमाणित भंडार को देखते हुए सऊदी अरब के पास आने वाले कई दशकों तक तेल उपलब्ध रहने का अनुमान लगाया जाता है।

धरती के नीचे कितना तेल है?

सऊदी अरब के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित कच्चे तेल भंडारों में से एक मौजूद है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश के प्रमाणित तेल भंडार का अनुमान करीब 250 से 267 अरब बैरल के बीच लगाया जाता है।

इतने विशाल भंडार के कारण सऊदी अरब वैश्विक तेल बाजार में बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है। देश की अर्थव्यवस्था लंबे समय तक तेल उत्पादन और निर्यात पर काफी हद तक निर्भर रही है।

क्या जल्द सूख जाएंगे सऊदी के तेल के कुएं?

सऊदी अरब के तेल भंडार को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वहां के कुएं जल्द खत्म होने वाले हैं। मौजूदा उत्पादन की रफ्तार को आधार मानकर किए जाने वाले आकलनों में यह अनुमान सामने आता है कि सऊदी अरब के पास कई दशकों तक पर्याप्त तेल भंडार मौजूद रह सकता है।

हालांकि, किसी देश के तेल भंडार के खत्म होने का सटीक साल बताना आसान नहीं है। इसका कारण यह है कि उत्पादन की मात्रा, नई खोज, तकनीकी विकास और आर्थिक रूप से निकाले जा सकने वाले तेल की मात्रा समय के साथ बदलती रहती है।

उत्पादन के साथ बढ़ रही तकनीक की भूमिका

सऊदी अरब अपने पुराने और बड़े तेल क्षेत्रों से अधिकतम उत्पादन हासिल करने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करता है। बेहतर ड्रिलिंग तकनीक और तेल निकालने की उन्नत प्रक्रियाओं की मदद से पुराने क्षेत्रों से भी उत्पादन जारी रखा जा सकता है।

यही वजह है कि केवल मौजूदा उत्पादन दर को देखकर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि किसी निश्चित वर्ष में सऊदी अरब का तेल पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

तेल के बाद की अर्थव्यवस्था पर भी फोकस

सऊदी अरब भविष्य की अर्थव्यवस्था को केवल तेल पर निर्भर नहीं रखना चाहता। देश विजन 2030 के तहत पर्यटन, उद्योग, तकनीक, निवेश और अन्य गैर-तेल क्षेत्रों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है।

इसका मकसद आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था में विविधता लाना और तेल पर निर्भरता कम करना है। यानी सऊदी अरब के लिए चुनौती सिर्फ यह नहीं है कि उसके पास कितना तेल बचा है, बल्कि यह भी है कि तेल के बाद की दुनिया के लिए उसकी अर्थव्यवस्था कितनी तैयार है।

2100 तक तेल खत्म होने का दावा कितना सही?

मौजूदा भंडार और उत्पादन को देखते हुए यह कहना कि सऊदी अरब का तेल जल्द खत्म होने वाला है, सही तस्वीर पेश नहीं करता। हालांकि 2100 तक तेल खत्म नहीं होगा जैसे दावे को निश्चित भविष्यवाणी के बजाय मौजूदा भंडार और उत्पादन दर पर आधारित अनुमान के रूप में देखना चाहिए।

भविष्य में उत्पादन बढ़ने या घटने, नई खोजों और तकनीकी बदलावों के कारण यह अवधि काफी बदल सकती है। फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि सऊदी अरब के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है और आने वाले कई दशकों तक वैश्विक ऊर्जा बाजार में उसकी अहम भूमिका बनी रहने की संभावना है।

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