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Saturday, February 28, 2026
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    Home राज्य दिल्ली/यूपी गृहमंत्री के ...

    गृहमंत्री के साथ किसानों की वार्ता जारी

    kisan-protest
    • भारत बंद : भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने भांजी लाठियां
    • अरविन्द केजरीवाल नजरबंद, आप का गृह मंत्रालय पर आरोप

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली सीमा पर हजारों किसान पिछले 12 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों ने आज ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है। पूरे देश में आज 11 बजे से लेकर सायं 3 बजे तक ‘भारत बंद’ बुलाया गया है। इसका असर भी देश के अलग-अलग हिस्सा में देखने को मिल रहा है। महाराष्टÑ, ओडिशा और बिहार में ट्रेने रोकी गई हैं। राजधानी दिल्ली में भी चक्का जाम शुरू हो गया है। किसानों के ‘भारत’ बंद में कांग्रेस समेत अन्य राजनीति पार्टियों ने भी अपना समर्थन दिया है। गौरतलब हैं कि केन्द्र और किसानों के प्रतिनिधियों के बीच 5वें दौर की वार्ता हो चुकी है। 6वें दौर की बातचीत कल होगी। उधर उत्तर प्रदेश के गेट पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज हुआ है। इस बीच खबरें आ रही है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कृषि मंत्री से मिलने उनके आवास पहुंचे है।

    Arvind Kejriwal

    दिल्ली पुलिस ने आप के सभी आरोपों को खारिज किया

    आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को नजरबंद किया है। आप ने ट्विटर पर अपने पोस्ट में लिखा, ‘भाजपा की दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को कल सिंघु बार्डर पर किसानों से मुलाकात कर आने के बाद से नजरबंद कर रखा है। किसी को भी उनसे मिलने अथवा उनके आवास के भीतर जाने नहीं दिया जा रहा है। आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि किसान आंदोलन को समर्थन देने के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल को नजरबंद कर रखा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को भय है कि अगर राज्य का एक निर्वाचित प्रमुख किसानों के आंदोलन का समर्थन करता है तो उसके झूठ का पदार्फाश होगा। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने आप के सभी आरोपों को खारिज किया है। पुलिस उपायुक्त(उत्तरी दिल्ली) ने ट्वीट कर कहा, ‘यह बयान बिल्कुल गलत है। दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में वह कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं और यह उनका अधिकार है।

    जम्मू में नए किसान कानून के खिलाफ प्रदर्शन, यातायात ठप

    जम्मू में मंगलवार को नए किसान कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान लोग सड़कों पर उतर आए और भारत बंद के दौरान व्यावसायिक वाहन सड़कों से नदारद रहे। जम्मू कश्मीर ट्रांस्पोटर्स ने सोमवार को तीन नए किसान कानून के विरोध में भारत बंद आह्वान में अपना समर्थन का ऐलान किया था। प्रदशर्नकारी हालांकि कई स्थानों पर सड़कों के बीचोंबीच बैठ गए और नारेबाजी करते नजर आए। डिगियाना क्षेत्र के पास सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसान विरोधी कानून को रद्द करने की मांग करते हुए सरकार खिलाफ तख्तियां, बोर्ड और बैनरों को भी पकड़े हुए दिखाई दिए। राजमार्ग में निजी वाहनों को लम्बा जाम लगा रहा। इस दौरान कई स्थानों पर किसानों के समर्थन में सरकार विरोधी नारे, प्रदर्शन और रैलियां निकाली गयी। आॅल जम्मू कश्मीर ट्रांस्पोटर्स एसोसिएशन द्वारा किसानों के समर्थन में बंद के आह्वान से सड़कों पर वाणिज्यिक वाहन नदारद रहे। प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जम्मू शहर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया।

    Nagar Van Scheme, Prakash Javadekar

    भारत बंद को राजनीतिक दलों का समर्थन एक पाखंड: जावडेकर

    सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि किसानों के नाम पर बुलाए गए भारत बंद को राजनीतिक दलों का समर्थन एक पाखण्ड है। जावडेकर ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, ‘कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ( संप्रग) की सरकार ही कृषि उत्पाद बाजार समिति ( एपीएमसी) को समाप्त करने का कानून लेकर आई थी। इन्ही पार्टियों द्वारा शासित कई राज्यों में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग ( समझौता खेती ) को लागू भी किया गया। ये है पाखण्ड का पदार्फाश । उन्होंने कहा, ‘मैं फिर से कहना चाहता हूँ, किसानों को मिलने वाला न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) था, है और रहेगा। जैसे पिछले 55 सालों से किसानों को एमएसपी का लाभ मिलता आ रहा है, वैसा ही आगे भी जारी रहेगा। देश के किसानों की समृद्धि ही हमारी सरकार का ध्येय है।

    झांसी की फल और सब्जी मंडी में भारत बंद आया नजर बेअसर

    किसान आंदोलन के तहत मंगलवार को बुलाये गये भारत बंद का विभिन्न राजनीतिक दलों ने तो समर्थन किया है लेकिन उत्तर प्रदेश में झांसी की फल और सब्जी मंडी पर इस बंद का असर नहीं दिखायी दिया। यहां मंडियां पूरी तरह से खुली रही साथ ही मंडी सचिव पंकज शर्मा ने सुबह-सुबह पूरी मंडी में घूमकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सुबह से ही जनपद की सबसे बड़ी सब्जी और फल मंडी में रोज की तरह किसानों की भीड़ देखने को मिली। किसी भी प्रकार से यह समझ नहीं आया कि आज भारत बंद जैसा कोई प्रभाव है। जैसी भीड़ प्रतिदिन होती थी,वैसी ही स्थिति आज देखने को मिली।

    किसानों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार द्वारा लाए गए बिल के विरोध में किसान इसे काला कानून बताते हुए दिल्ली तक जा पहुंचे हैं। राष्ट्रीय जनता दल,समाजवादी पार्टी,कांग्रेस व किसान रक्षा पार्टी समेत तमाम छोटे बड़े दल अपनी रोटियां सेंकते हुए किसानों के समर्थन में उतर पड़े हैं। इसके चलते 8 दिसम्बर को भारत बंद का आह्वान किया गया था। इसका समर्थन करने के लिए कांग्रेस व समाजवादी पार्टी समेत तमाम दलों ने बीते रोज विरोध प्रदर्शन करते हुए मार्च भी निकाला।

    Bengaluru

    पुड्डुचेरी में भारत बंद का असर, सामान्य जनजीवन प्रभावित

    केन्द्रशासित प्रदेश पुड्डुचेरी में किसानों के आह्वान पर मंगलवार को भारत बंद से जनजीवन पर असर पड़ा। पुड्डुचेरी में सत्तारूढ पार्टी, द्रमुक, वाम दलों, एमडीएमएस, वीसीके और अधिकतर ट्रेड यूनियनों के अलावा राज्य सरकार कर्मचारी संघों का परिसंघ और आॅटोरिक्शा चालक संघ ने बंद का समर्थन किया है। बंद के दौरान सभी सरकारी और निजी बसें, आॅटोरिक्शा, तिपहिया यात्री वाहन और टैक्सी सड़कों से नदारद रहीं। तमिलनाडु से पुड्डुचेरी की ओर आने वाली बसों को सीमा पर ही रोक दिया गया और यात्रियों के उतरने के बाद बसों को वापस भेज दिया गया। पुड्डुचेरी से होकर गुजरने वाली बसों को भी रोक दिया गया है। पुड्डुचेरी बस अड्डा और मुख्य मार्ग में सन्नाटा पसरा हुआ है। इसके अलावा सभी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद पड़े हुए हैं। औद्योगिक इकाई में इंडस्ट्रियल एस्टेट थाट्टानचावडी, सैदेरपेट, करासूर और थिरुबूवानई बंद का पूरा असर देखा गया है।

    तमिलनाडु: भारत बंद का असर कम

    तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर विभिन्न किसान संगठनों के आह्वान पर भारत बंद के मद्देनजर तमिलनाडु में सामान्य जनजीवन पर बंद का कोई खास प्रभाव नजर नहीं आया। राज्य में बंद का समर्थन द्रमुक और उसके सहयोगी दल , विभिन्न ट्रेड यूनियनों, किसान एसोसिएशनों और व्यापारियों ने किया है। चेन्नई में बंद का असर नहीं दिखाई दिया है बसें और आॅटो आम दिनों की तरह चल रहे है और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले हुए हैं। बंद का असर तंजावुर, त्रिची और तिरुवरूर के कावेरी डेल्टा जिलों में कुछ असर पड़ा है, जहां किसानों और ट्रेड यूनियनों ने केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन किया और तीनों कानून को रद्द करने की मांग की।

    Patna

    बिहार: बंद कराने सड़क पर उतरे वामदल

    कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के एक दिवसीय भारत बंद के आह्वान पर बिहार को बंद करने और चक्का जाम करने के लिए वामदल, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और जन अधिकार पार्टी (जाप) के कार्यकर्ता मंगलवार सुबह ही सड़कों पर उतर आए। बंद को सफल बनाने के लिए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) कार्यकर्ता सुबह-सुबह सड़क पर उतर आए। बाद में अन्य विपक्षी दलों के नेता एवं कार्यकर्ता इस प्रदर्शन से जुड़े। राज्य में जगह-जगह सड़कों पर जाम लगाया, ट्रेनें रोकी गई तो कई जगह उग्र प्रदर्शन भी हुए। इस दौरान पटना के डाकबंगला चौराहे से शुरू हुआ प्रदर्शन राजधानी के आस-पास के क्षेत्र में भी फैल गया। पटना की सड़कों पर महाजाम की स्थिति देखी गई।

    Bihar

    योगी की चेतावनी बंद में कानून हाथ में लेने पर कड़ी कार्रवाई

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज चेतावनी दी कि बंद के दौरान अगर कोई कानून व्यवस्था हाथ में लेता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। किसानों के भारत बंद को देखते हुए योगी फील्ड में तैनात पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के साथ दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए लेकिन फिर भी कोई कानून का उल्लंघन करता है तो उसके साथ सख्ती से पेश आया जाए। शान्ति व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बंद के दौरान आम जन को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके पुख्ता इंतजाम किए जायें । सड़क मार्ग, रेल मार्ग व अन्य यातायात पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।

    राजस्थान: भारत बंद का मिला जुला असर

    राजस्थान में कृषि कानून के विरोध में किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का शुरूआत में मिला जुला असर देखने को मिल रहा हैं। राजधानी जयपुर में सुबह दस बजे तक लगभग सभी गतिविधियां सामान्य नजर आई और दस बजे के बाद शहर के कई बाजारों में दुकानें बंद रही तो कुछ दुकाने खुली भी देखी गई। हालांकि रोडवेज की बसे बंद में नजर नहीं आई। जयपुर के सांगानेर, प्रताप नगर, टोंक रोड, गोपालपुरा, महेश नगर, टोंक फाटक, रामबाग सर्किल सहित कई जगहों पर सुबह से ही कई दुकाने खुली इनमें ज्यादातर चाय-नाश्ते, किराना, मेडिकल स्टोर, दूध की डेयरी आदि शामिल हैं। जयपुर में सूरजपोल, चांदपोल एवं कुकरखेड़ा अनाज मंडियां बंद रही। वहीं, प्रदेश की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी मुहाना टर्मिनल बंद रही। जनता बाजार सब्जी मंडी फूल मंडी और जयपुर में रोड पर स्थित दूध मंडी में सन्नाटा पसरा नजर आया। इसके अलावा दूध मंडियों में भी बंद का असर नजर आया।

    Digvijaya Singh

    तीनों किसान कानून वापस लिए जाएं : दिग्विजय

    मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज कहा कि केंद्र सरकार को तीनों किसान कानून वापस लेना चाहिए। राज्यसभा सांसद सिंह ने ट्वीट के जरिए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीनों किसान कानून वापस लेना चाहिए। संसद की संयुक्त संसदीय समिति गठित कर किसाना संगठनों से चर्चा करना चाहिए, ताकि किसानों के हित में कानून बनें। उन्होंने कहा कि किसान मेहतन कर हमारा पेट भरता है। इसलिए उसे अन्नदाता कहते हैं। उन्होंने किसानों के भारत बंद का समर्थन करने का अनुरोध करते हुए कहा कि क्या हम उनके लिए इतना भी नहीं कर पाएंगे। इस बीच सिंह आज इंदौर के छावनी क्षेत्र में पहुंचे और लोगों से भारत बंद का समर्थन करने का अनुरोध किया। हालाकि संबंधित क्षेत्र के अलावा इंदौर के अन्य हिस्सों में भी जनजीवन सामान्य दिनों की तरह दिखायी दिया।

    उत्तर प्रदेश: लखनऊ के सभी मुख्य बाजार पूरी तरह खुले

    केंद्र सरकार की ओर से लाये गये तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के आज भारत बंद का आंशिक असर है। बंद का समाजवादी पार्टी ,कांग्रेस,बहुजन समाज पार्टी ,लोकदल समेत अन्य विपक्षी पार्टी समर्थन कर रही है। राजधानी लखनऊ के सभी मुख्य बाजार पूरी तरह खुले हैं। शुरू में व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोली थी लेकिन व्यापक पुलिस इंतजाम देख कर सभी दुकानें खुल गईं । सड़कों पर सरकारी और निजी वाहन चल रहे हैं । पुलिस लगातार गश्त कर रही है। बस्ती से मिली सूचना के अनुसार कार्यकतार्ओं के साथ प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी के नेता राम गोबिंद चौधरी समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। बंद समर्थक ट्रेन की आवाजाही में कोई व्यवधान नहीं कर सकें इसलिये जीआरपी तथा रेलवे सुरक्षा बल के जवान रेल लाइन के किनारे गश्त कर रहे हैं ।

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