हमसे जुड़े

Follow us

15.5 C
Chandigarh
Monday, March 2, 2026
More
    Home देश हाथियों की मौ...

    हाथियों की मौत पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र से जवाब तलब

    Supreme Court seeks response from Center sachkahoon

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। उच्चतम न्यायालय ने बिजली के झटके से हाथियों की अप्राकृतिक मौत की संख्या में लगातार वृद्धि के मामले में बुधवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना और न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने पर्यावरण कार्यकर्ता प्रेरणा सिंह बिंद्रा और अन्य की याचिका पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अपना पक्ष रखने को कहा। याचिका में मुख्य रूप से बिजली के झटके के कारण हाथियों की अप्राकृतिक मौत की संख्या में लगातार वृद्धि को उजागर किया गया है। अभिकल्प प्रताप सिंह द्वारा दायर याचिका में ‘हाथी टास्क फोर्स’ की 2010 की रिपोर्ट ‘गजाह’ को लागू करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में जानबूझकर और बिजली के झटके की घटनाओं में हाथियों की मौत को सबसे सामान्य कारण है।

    क्या है मामला

    याचिकाकर्ताओं का दावा है कि संबंधित अधिकारियों की ‘लापरवाही’ और ‘कठोर’ रवैये से वैधानिक आदेश के अलावा अपने स्वयं के विशेषज्ञ निकायों और समितियों के विभिन्न दिशा-निदेर्शों तथा सिफारिशों को लागू नहीं किया है। इतना ही नहीं, शीर्ष अदालत द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों की भी अनदेखी की गई है, जिसके कारण जंगली हाथियों की मौत के मामले में बढ़ोतरी हुई है।

    याचिका में वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 के तहत संरक्षित ‘लुप्तप्राय’ एशियाई हाथी के भविष्य की आशंका व्यक्त की गई है। इस हाथी को 2010 में ‘राष्ट्रीय विरासत पशु’ घोषित किया गया था। हाथियों के संरक्षण से संबंधित संसद के समक्ष पेश आंकड़ों के मुताबिक, 2014-15 और 2018-19 के दौरान मनुष्यों के साथ संघर्ष के कारण 510 हाथियों की मौते हुई जिनमें में से 333 की जान बिजली झटके से गई है।

    लोकसभा में पेश किए गए हाल के आंकड़ों से पता चला है कि ये संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2016-17 में 56 हाथियों की बिजली के झटकों की वजह से की मौत हुई थी, जबकि 2018-19 में 81 हाथियों की मौते हुई थी। याचिका में कहा गया है पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने हाल ही में एक ‘सूचना का अधिकार’ (आरटीआई) आवेदन के जवाब में कहा है कि 2009 से 2020 तक, कुल 741 हाथियों की बिजली के झटके से मौत हुई है।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here