हमसे जुड़े

Follow us

22.3 C
Chandigarh
Tuesday, January 20, 2026
More
    Home न्यूज़ ब्रीफ आजाद के कांग्...

    आजाद के कांग्रेस से आजादी के मायने

    Congress sachkahoon

    कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है। देश को आजाद हुए 75 वर्ष हो चुके हैं। इन 75 वर्षों में सबसे ज्यादा कांग्रेस पार्टी ने देश पर शासन किया। हालांकि पहले भी ऐसे दौर आए जब कांग्रेस पार्टी में असंतोष उभरा और पार्टी विभाजन के दौर से भी गुजरी। विभाजन के बाद पार्टी फिर सशक्त होकर सत्ता में आई। लेकिन जिस दौर से आज पार्टी गुजर रही है यह दौर कुछ अलग और अजीब सा है। क्योंकि इस समय पार्टी के वरिष्ठ नेता जहां पार्टी में घुटन और उपेक्षा महसूस कर रहे हैं वहीं पार्टी के युवा नेताओं में भी असंतोष है। 50 साल तक कांग्रेस में रहकर पार्टी की सेवा करने के बाद एकाएक गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के सभी पदों सहित पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया। पांच पेज के त्याग-पत्र में उन्होंने जहां पार्टी में अपनी सेवाओं का बखान किया वहीं पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी की भी खुले दिल से प्रशंसा की और पार्टी व गांधी परिवार के साथ अपनी नजदीकियों और वफादारी का भी गुणगान किया। लेकिन पिछले एक दशक से पार्टी की कार्यप्रणाली से नाराज गुलाम नबी आजाद ने अपनी नाराजगी का सारा ठीकरा राहुल गांधी पर फोड़ा।

    उन्होंने कहा कि पार्टी में राहुल गांधी बेशक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर हैं लेकिन वे अप्रत्यक्ष रूप से पार्टी के सर्वेसर्वा हैं और चाटुकार मंडली से घिरे हुए हैं। पार्टी के महत्वपूर्ण फैसले भी उनके पीए और उनके निजी सुरक्षा कर्मी लेते हैं। दूसरी तरफ राहुल गांधी व उनकी तथाकथित मित्र मंडली पार्टी के इन वरिष्ठ नेताओं से नाराज है कि इनकी वजह से हमारी पार्टी में कोई सुनवाई नहीं होती जिसके परिणामस्वरूप ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद जैसे राहुल गांधी के सहयोगी पार्टी को अलविदा कह गए। पार्टी के वरिष्ठ, युवा नेताओं से और युवा नेता पार्टी के वरिष्ठों से नाराज हैं और एक दूसरे से अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। ऐसे में फिर पार्टी को कौन चला रहा है, कांग्रेसियों के लिए यह बड़ी ही विचित्र स्थिति है। कांग्रेस के इतिहास में ऐसी स्थिति अब तक नहीं आई थी। नि:संदेह यह कांग्रेस के लिए ही एक चिंता का विषय नहीं बल्कि लोकतंत्र के लिए भी चिंता का विषय है। क्योंकि मजबूत विपक्ष ही लोकतंत्र की खूबसूरती है।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here