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Friday, April 17, 2026
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    LIVE: आ के सत्संग में विचार करले…भजन पर झूमी साध-संगत

    बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने आज यूटयूब चैनल पर लाइव आकर साध-संगत को दर्शन दिए। पूज्य गुरु जी ने आके सत्संग में विचार करले, मानस जन्म का उद्धार कर ले… भजन गया, जिस पर साध संगत ने मस्ती में झूमकर खूब आनंद उठाया। पूज्य गुरु जी के दर्शन कर साध-संगत खुशी से फूली नहीं समाई। साध-संगत अपने-अपने ब्लॉकों में बैठी पूज्य गुरु जी के रूहानी वचनों को श्रवण कर रही है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश उत्तराखंड, कर्नाटक, उड़सा समेत विदेशों में साध-संगत लाइव यूटयूब चैनल पर पूज्य गुरु जी के दर्शन किए।

    गौरतलब हैं कि कल पूज्य गुरु जी ने साध-संगत से आॅनलाइन रूबरू होते हुए फरमाया कि भारत का कल्चर पूरे विश्व से अलग है और हमारी संस्कृति नंबर वन है। हमने पूरी दुनिया को अपना कल्चर सिखाना है। उनके कल्चर में पड़कर गंद नहीं बनना। कभी ऐसा जमाना भी था जब लोग हमारे देश में पढ़ने आया करते थे। नालंदा यूनिवर्सिटी में विदेशों के बच्चे पढ़ने के लिए आते थे। हमारा रूपया सबसे आगे था। इसलिए भारत को सोने की चिडिय़ा कहा जाता था। हमारे देश को सोने की चिडिय़ा बनाने वाले हमारे वंशज ही है। फिर क्यों हम अपनी संस्कृति को छोड़कर दूसरों की संस्कृति को फोलो कर रहे है। क्यों अपनी संस्कृति छोड़कर दूसरों की संस्कृति की तरफ बढ़ते जा रहे है। एक दिन पूरा विश्व हमारी संस्कृति का कायल होकर रहेगा।

    आके सत्संग में विचार कर ले,
    मानस जन्म का उद्धार करले, प्रभु है तेरा भला करे।
    1. कारखाना सत्संग है अजीब, बन्दे के बनते हैं इसमें नसीब । पाप मैल जन्मों की साफ करले, मानस जन्म…
    2. कॉलेज रूहानी बड़ा सत्संग जी, नाम और प्रेम का चढ़ें रंग जी। वैरी मित्र से प्यार करले, मानस जन्म….
    3. किस काम के लिए आया भाई, इस बात की न समझ आई। सन्त बताएँ वोही काम करले, मानस जन्म…
    4. पाँच चोर तेरे पीछे लगे, कीमती पूँजी हैं तेरी ठगें। मन जो कहे इन्कार करले, मानस जन्म…
    5. कर्म काण्ड न काम आएँ, काल दायरे से न छूट पाएँ । मिलती न मुक्ति पाए तरले, मानस जन्म…
    6. माया जोड़ी काम आती नहीं, अन्त समय साथ जाती नहीं। जोड़ जोड़ चाहे तू खजाने भरले, मानस जन्म….
    7. भवसागर है बड़ा गहरा, नाम जहाज बिन कोई न तरा। नाम जप कर बेड़ा पार करले, मानस जन्म…
    8. सन्तों के वचन जो ले मान जी, नाम जपे होए कल्याण जी । कहें ‘शाह सतनाम जी इतबार करले, मानस जन्म… ॥

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