हमसे जुड़े

Follow us

19.7 C
Chandigarh
Saturday, February 28, 2026
More

    Diwali-Cleaning-Tips: क्या आप दिवाली की सफाई करने जा रही है तो रुकिए जरूर पढ़ें ये खबर

    Diwali Cleaning Tips
    Diwali-Cleaning-Tips: क्या आप दिवाली की सफाई करने जा रही है तो रुकिए जरूर पढ़ें ये खबर

    Diwali-Cleaning-Tips:  अनु सैनी। मुजफ्फरनगर। दीपावली का पर्व रोशनी, उल्लास और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार हर साल कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है और मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी का आगमन स्वच्छ और सुसज्जित घर में ही होता है। यही कारण है कि दीपावली से पहले घर-आंगन की साफ-सफाई करना जरूरी माना जाता है। न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए भी स्वच्छ वातावरण बेहद आवश्यक है।

    सफाई का महत्व | Diwali-Cleaning-Tips

    प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, जिस घर में साफ-सफाई रहती है वहां देवताओं का वास होता है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती हैं। वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो धूल-मिट्टी और गंदगी से एलर्जी, सांस की बीमारियां और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में दीपावली की सफाई केवल परंपरा नहीं, बल्कि जीवनशैली और स्वास्थ्य दोनों के लिए आवश्यक है।

    Hair Care Tips: प्याज के छिलके और बादाम से काले होंगे बाल, आप बुढ़ापे में भी दिखेंगे जवां, जानें आसान घरेलू उपाय

    कबाड़ हटाना है पहला कदम

    दीपावली की सफाई की शुरूआत घर में पड़े कबाड़ को हटाने से करनी चाहिए। पुराने और बेकार सामान को घर से बाहर कर दें। कहा भी जाता है कि कबाड़ नकारात्मक ऊर्जा का कारण बनता है। अगर लंबे समय से टूटे-फूटे सामान, पुराने अखबार या बेकार कपड़े घर में रखे हैं तो उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए। इससे घर में जगह भी बढ़ती है और साफ-सफाई में आसानी होती है।

    रसोई की सफाई पर दें खास ध्यान

    घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रसोई होती है। यहां से पूरे परिवार का स्वास्थ्य जुड़ा होता है। दीपावली से पहले रसोई में जमी चिकनाई, धूल और जाले साफ करें। गैस चूल्हे, अलमारी, फ्रिज और सिंक को अच्छे से धोकर साफ करें। रसोई की सफाई न केवल स्वच्छता लाती है बल्कि मां अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का भी माध्यम मानी जाती है।

    पंखे, पर्दे और खिड़कियों को न करें नजरअंदाज

    अक्सर लोग केवल फर्श और दीवारों तक ही सफाई सीमित कर देते हैं, लेकिन पंखे, पर्दे और खिड़कियों पर जमा धूल कई बीमारियों को न्योता देती है। इसलिए दीपावली की सफाई के दौरान पंखों की ब्लेड तक साफ करें, पर्दों को धो लें और खिड़की-दरवाजों पर जमा धूल को हटा दें। यह न केवल घर को चमकदार बनाता है बल्कि ताजी हवा और रोशनी को अंदर आने का मार्ग भी साफ करता है।

    बाथरूम और टॉयलेट को करें सैनिटाइज

    त्योहारों की सफाई में अक्सर बाथरूम और टॉयलेट को नजरअंदाज कर दिया जाता है। जबकि यह जगहें सबसे ज्यादा संक्रमण का खतरा पैदा करती हैं। बाथरूम की दीवारों और फर्श को अच्छे क्लीनर से धोएं और सैनिटाइज करें। इससे घर में स्वच्छता बनी रहती है और बीमारियों का खतरा कम होता है।

    रंगोली और दीप से सजाएं घर

    सफाई के बाद घर को सजाना भी उतना ही जरूरी है। दीपावली पर दरवाजे पर रंगोली बनाने और दीप जलाने की परंपरा है। यह न केवल सौंदर्य बढ़ाती है बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करती है। घर के मुख्य द्वार पर सुंदर रंगोली बनाएं और दीपक सजाएं। इसके अलावा फूल-मालाओं से घर को सजाना भी शुभ माना जाता है।

    विशेषज्ञों की राय

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दीपावली की सफाई से एलर्जी और सांस से जुड़ी समस्याओं में कमी आती है। वहीं वास्तु शास्त्र के जानकार मानते हैं कि बेकार सामान और गंदगी घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलाती है, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच तनाव और असहमति बढ़ सकती है। साफ-सफाई से न केवल माहौल खुशनुमा बनता है बल्कि मानसिक शांति और पारिवारिक सौहार्द भी बढ़ता है।

    दीपावली का त्योहार केवल रोशनी का ही नहीं बल्कि स्वच्छता और अनुशासन का भी संदेश देता है। घर की पूरी तरह से सफाई करके नकारात्मकता को बाहर निकालें और सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत करें। यह त्योहार तभी सार्थक होगा जब हम न केवल अपने घर बल्कि आसपास के वातावरण को भी स्वच्छ रखें। आखिरकार स्वच्छता ही सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कुंजी है।